रूसी एयरबेस पर यूक्रेनी ड्रोन का बड़ा हमला: 40 से ज्यादा जंगी विमान तबाह, 7 अरब डॉलर का नुकसान

ज़ेलेंस्की का बड़ा दांव: रूस के अंदर ड्रोन हमला!-यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के नेतृत्व में एक बड़ा ऑपरेशन हुआ है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। यूक्रेनी सुरक्षा बलों ने रूस के अंदर घुसकर ड्रोन से हमला कर दिया और 40 से ज़्यादा सैन्य विमानों को तबाह करने का दावा किया है। इस ऑपरेशन की ख़ास बातें जानने के लिए आगे पढ़ें।
ऑपरेशन ‘वेब’: गुप्त योजना और बड़ी सफलता-यह ऑपरेशन ‘ऑपरेशन वेब’ नाम से चलाया गया और इसे बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। लगभग डेढ़ साल से इस योजना पर काम चल रहा था और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की खुद इसकी निगरानी कर रहे थे। ड्रोन को चालाकी से छोटे-छोटे लकड़ी के घरों में छिपाकर ट्रकों में लाया गया और फिर रिमोट से ड्रोन को रवाना किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ड्रोन कंटेनरों से निकलते दिख रहे हैं।
भारी नुकसान: रूस की हवाई ताकत को झटका-यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि इस हमले में रूस के 41 विमान तबाह हो गए हैं, जिनमें A-50, Tu-95 और Tu-22M जैसे बमवर्षक विमान शामिल हैं। ये विमान यूक्रेन पर हमले करने के लिए जाने जाते हैं। यूक्रेन का दावा है कि रूस की कुल मिसाइल कैरियर फ्लीट का 34% इस हमले में नष्ट हो गया है, जिसकी कीमत लगभग 7 अरब डॉलर आंकी गई है।
रूस की पुष्टि और चौंकाने वाला दायरा-रूस के रक्षा मंत्रालय ने हमलों की पुष्टि की है और बताया है कि इरकुत्स्क और मुरमान्स्क जैसे दूर-दराज़ इलाकों में भी विस्फोट हुए हैं। यह हमला यूक्रेनी सीमा से हज़ारों किलोमीटर दूर हुआ है, जो इस ऑपरेशन के बड़े पैमाने का अंदाज़ा देता है।
अमेरिका का हैरानी: अचानक हमला-इस हमले से अमेरिकी रक्षा विभाग भी हैरान है। अमेरिका को इस ऑपरेशन की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। यूक्रेन की इस रणनीतिक क्षमता ने सभी को चौंका दिया है।
रेलवे पर हमले और बढ़ती तनाव-पश्चिमी रूस में दो रेलवे पर हमले भी हुए हैं, जिसमें कई लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं। हालांकि, रूस ने इन हमलों की वजह नहीं बताई है, जिससे ज़्यादा शक पैदा हो रहा है।
शांति वार्ता से पहले तनाव-यह हमला उस समय हुआ है जब यूक्रेन और रूस के बीच इस्तांबुल में शांति वार्ता होने वाली है। यह घटना शांति की उम्मीदों पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है।
रूस का जवाबी हमला और यूक्रेन की चुनौतियाँ-रूस ने यूक्रेन पर जवाबी हमला किया है, जिसमें कई सैनिक मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं। इस हमले से पता चलता है कि यूक्रेन को न केवल हथियारों बल्कि सैनिकों की भी भारी कमी है।



