महाराष्ट्र में हिंसा पर विपक्ष हमलावर, मायावती और प्रियंका चतुर्वेदी ने फडणवीस सरकार को घेरा

महाराष्ट्र में हिंसा पर मायावती और प्रियंका चतुर्वेदी का बयान, औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग पर नाराजगी
महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर बढ़ते विवाद के बीच, बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने मंगलवार को इस तरह की घटनाओं पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसी की कब्र को नुकसान पहुंचाना सही नहीं है, क्योंकि इससे राज्य में शांति और सौहार्द बिगड़ रहा है। मायावती ने सरकार से खासतौर पर हिंसा प्रभावित नागपुर में ऐसे असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
नागपुर में भड़की हिंसा, पुलिस पर फेंके गए पत्थर
सोमवार को नागपुर के कुछ इलाकों में भारी तनाव देखने को मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग के दौरान अफवाह फैली कि एक समुदाय की धार्मिक पुस्तक जला दी गई। इसके बाद इलाके में हिंसा भड़क उठी, जिसमें पुलिस पर पत्थर फेंके गए। इस घटना में छह नागरिकों और तीन पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है। नागपुर के महल इलाके में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए 15 लोगों को गिरफ्तार किया है और विभिन्न इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
मायावती का बयान – शांति भंग करने वालों पर हो कार्रवाई
मंगलवार को मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, “महाराष्ट्र में किसी की कब्र या मकबरे को नुकसान पहुंचाना सही नहीं है, इससे आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बिगड़ता है। सरकार को ऐसे असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, खासकर नागपुर में, वरना स्थिति और खराब हो सकती है, जो किसी के लिए भी ठीक नहीं है।”
प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार को घेरा
शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने महाराष्ट्र में हिंसा को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने महायुति सरकार, जिसमें बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी शामिल हैं, पर तीखा हमला बोला। चतुर्वेदी ने X पर लिखा, “राज्य में हिंसा भड़काना, अस्थिरता पैदा करना, लोगों का ध्यान राज्य की असल समस्याओं से हटाना—जैसे बढ़ता कर्ज, बेरोजगारी और किसानों की आत्महत्या—सरकार की रणनीति बन गई है। महाराष्ट्र को योजनाबद्ध तरीके से निवेश के लिए अनाकर्षक बनाया जा रहा है, ताकि पड़ोसी राज्य इसका फायदा उठा सकें।” उन्होंने आगे कहा, “शिंदे के नेतृत्व में पहले ही कई बिजनेस गुजरात चले गए और अब राज्य को निवेश के लायक भी नहीं छोड़ा जा रहा, जिससे और कंपनियां बाहर जाने के लिए मजबूर हों। यह बेहद शर्मनाक है।” महाराष्ट्र में बढ़ती अस्थिरता को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है, वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।



