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संघर्षविराम वार्ता बेनतीजा, इजराइल ने गाजा पर किए घातक हमले, 235 की मौत

गाजा में इजराइल का बड़ा हवाई हमला, सैकड़ों की मौत, संघर्ष फिर भड़का

गाजा पट्टी में मंगलवार तड़के इजराइल ने जबरदस्त हवाई हमले किए, जिसमें उसने हमास के कई ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। यह हमला जनवरी में संघर्षविराम लागू होने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है।अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 235 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह हमला इसलिए किया गया क्योंकि संघर्षविराम को आगे बढ़ाने के लिए हो रही बातचीत में कोई प्रगति नहीं हो रही थी। अधिकारियों ने बताया कि यह सैन्य अभियान अनिश्चितकाल तक जारी रह सकता है और इसे और विस्तार भी दिया जाएगा। व्हाइट हाउस ने कहा कि उसे इस हमले की जानकारी दी गई थी और उसने इजराइल के कदम का समर्थन किया है। नेतन्याहू के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया, “अब से इजराइल हमास के खिलाफ और अधिक आक्रामकता से कार्रवाई करेगा।” यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब रमजान के दौरान गाजा में कुछ शांति बनी हुई थी, लेकिन अब 17 महीने से चल रहे युद्ध में दोबारा तेजी आ सकती है। इस युद्ध में अब तक हजारों फिलीस्तीनी मारे जा चुके हैं और गाजा में जबरदस्त तबाही मच चुकी है।

बंधकों का भविष्य भी दांव पर

इस हमले से उन करीब दो दर्जन इजराइली बंधकों का भविष्य भी अनिश्चित हो गया है, जो अभी भी हमास के कब्जे में जीवित बताए जा रहे हैं। हमास ने नेतन्याहू पर संघर्षविराम तोड़ने और बंधकों को खतरे में डालने का आरोप लगाया। उसने मध्यस्थों से कहा कि वे इजराइल को “समझौता तोड़ने और हमले को बढ़ाने” के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराएं।

गाजा में घायलों की बाढ़, अस्पतालों में अफरा-तफरी

गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस में भीषण धमाकों और धुएं के गुबार देखे गए। एंबुलेंस लगातार घायलों को अस्पताल ला रही थीं। नासर अस्पताल में मरीज फर्श पर पड़े कराह रहे थे, एक छोटे लड़के के सिर पर पट्टी बंधी थी, एक बच्ची रो रही थी जबकि उसके खून से सने हाथ पर पट्टी की जा रही थी। गाजा के दक्षिणी शहर रफाह में एक घर पर हुए हमले में एक ही परिवार के 17 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 12 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे थे। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, मरने वालों में पांच बच्चे, उनके माता-पिता और एक अन्य पिता व उनके तीन बच्चे शामिल हैं।

फिलीस्तीनियों को पहले से ही युद्ध की आशंका थी

कई फिलीस्तीनियों को पहले से अंदेशा था कि संघर्षविराम के दूसरे चरण को लेकर बातचीत में देरी का मतलब यही होगा कि लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है। इजराइल ने बातचीत के बजाय गाजा के 20 लाख लोगों के लिए भोजन, ईंधन और अन्य सहायता रोक दी थी ताकि हमास पर दबाव बनाया जा सके। गाजा सिटी के निवासी निदाल अल्ज़ानिन ने एपी से फोन पर कहा, “कोई भी युद्ध नहीं चाहता। पहले के महीनों की तबाही से लोग पहले ही बहुत ज्यादा परेशान हैं।”

रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार रात से लेकर मंगलवार सुबह तक के हमलों में 235 लोगों की मौत हो चुकी है। बचाव दल अब भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

अमेरिका ने हमास को ठहराया जिम्मेदार

व्हाइट हाउस ने इस हमले के लिए हमास को दोषी ठहराया। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूज ने कहा कि “हमास के पास संघर्षविराम बढ़ाने के लिए बंधकों को रिहा करने का मौका था, लेकिन उसने इनकार कर युद्ध का रास्ता चुना।” अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने पहले ही चेतावनी दी थी कि “अगर हमास ने बंधकों को तुरंत रिहा नहीं किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।” इजराइल के एक अधिकारी ने बताया कि उनका देश सिर्फ हवाई हमले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हमास के सैन्य और प्रशासनिक ठिकानों को पूरी तरह से तबाह करने की योजना बना रहा है। इजराइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने कहा, “अगर हमारे बंधकों को रिहा नहीं किया गया, तो गाजा के लिए नरक के द्वार खुल जाएंगे। हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक सभी बंधक वापस नहीं आ जाते और हमारे युद्ध के सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते।”

संघर्षविराम की दूसरी चरण की वार्ता अटकी

पिछले दो महीनों से युद्धविराम को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। पहले चरण में हमास ने 25 इजराइली बंधकों और आठ शवों को रिहा किया था, जिसके बदले में इजराइल ने करीब 2,000 फिलीस्तीनी कैदियों को छोड़ा था।

लेकिन अब तक दूसरे चरण पर सहमति नहीं बन पाई है। हमास 59 बंधकों (जिनमें से 35 के मारे जाने की आशंका है) की रिहाई के बदले इजराइली सेना की पूरी तरह वापसी चाहता है। लेकिन इजराइल साफ कर चुका है कि जब तक हमास का सैन्य और प्रशासनिक तंत्र नष्ट नहीं हो जाता और सभी बंधक मुक्त नहीं हो जाते, वह युद्ध खत्म नहीं करेगा।

गाजा पहले से ही भयंकर मानवीय संकट में

गाजा में पहले ही हालात बदतर थे। यह युद्ध पिछले साल 7 अक्टूबर को शुरू हुआ था, जब हमास के आतंकियों ने दक्षिणी इजराइल में घुसकर करीब 1,200 लोगों को मार दिया था और 251 लोगों को बंधक बना लिया था। इजराइल ने जवाब में गाजा पर भीषण हमले किए, जिसमें अब तक 48,000 से ज्यादा फिलीस्तीनी मारे जा चुके हैं और 90% से ज्यादा आबादी बेघर हो गई है। संघर्षविराम ने कुछ राहत दी थी, जिससे हजारों विस्थापित लोग अपने टूटे-फूटे घरों में लौट सके थे। लेकिन अब इजराइली जमीनी हमले की आशंका है, जिससे और ज्यादा मौतें हो सकती हैं।

नेतन्याहू के खिलाफ बढ़ रहा विरोध

इजराइल के भीतर भी युद्ध को लेकर विवाद बढ़ रहा है। बंधकों के परिवार लगातार सरकार से संघर्षविराम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, ताकि सभी को सुरक्षित वापस लाया जा सके। इसी बीच नेतन्याहू ने इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी ‘शिन बेट’ के प्रमुख को हटाने का फैसला किया, जिससे बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की तैयारी चल रही है। कई लोग नेतन्याहू पर आरोप लगा रहे हैं कि वह अपनी सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए यह सब कर रहे हैं। फिलहाल, मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं, लेकिन इजराइल और हमास अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं। इस स्थिति में गाजा में और भीषण तबाही मचने की आशंका जताई जा रही है।

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