सिंगापुर में बच्चों के स्कूल में भीषण आग, पवन कल्याण के बेटे को चोट, एक बच्ची की मौत

सिंगापुर: सिंगापुर में बच्चों की पढ़ाई और उनकी स्किल्स बढ़ाने वाली क्लासेस के लिए इस्तेमाल हो रहे एक तीन मंजिला शॉपहाउस में मंगलवार को आग लगने से 10 साल की एक बच्ची की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। घायलों में आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण के बेटे भी शामिल हैं। यह हादसा रिवर वैली रोड स्थित एक इमारत में हुआ, जहां 23 से 55 साल के 6 बड़े और 6 से 10 साल के 16 बच्चे मौजूद थे। इनमें पवन कल्याण के सात साल के बेटे मार्क शंकर भी थे, जिन्हें आग लगने के बाद बचा लिया गया। पुलिस ने बताया कि घायल बच्चों में कुछ बेहोश थे, उनकी आंखें उलटी हो गई थीं और शरीर जल चुका था। बच्ची को अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी जान चली गई। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में कोई साजिश नहीं दिख रही है, लेकिन मामले की जांच जारी है। घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद शेख आमिरुद्दीन, जो एक पर्सनल ट्रेनर हैं, ने बताया कि कई बच्चों की हालत बहुत खराब थी। कुछ को निकालते वक्त वो होश में नहीं थे और उनके शरीर पर जलने के गहरे निशान थे। जनसेना पार्टी की ओर से विजयवाड़ा में जारी एक बयान में कहा गया कि पवन कल्याण के बेटे मार्क के हाथ-पैर जल गए हैं और धुएं की वजह से उनके फेफड़े भी प्रभावित हुए हैं। उन्हें सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है।
पार्टी ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि पवन कल्याण अपने पहले से तय कार्यक्रम पूरे करने के बाद सिंगापुर रवाना होंगे। बाद में पवन कल्याण ने मीडिया को बताया कि उनके बेटे की हालत कैसी है। उन्होंने कहा, “उसका ब्रोंकोस्कोपी किया जा रहा है, उसे जनरल एनेस्थीसिया में रखा गया है। यह लंबी अवधि तक असर डाल सकता है… मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने फोन करके हौसला बढ़ाया और भारतीय उच्चायोग के जरिए हर संभव मदद दिलाई… बच्चों को समर कैंप में जाना था लेकिन वहां ये हादसा हो गया। जब मैंने पहली बार सुना, तो लगा कि कोई छोटी सी घटना होगी, बाद में जब पूरी बात पता चली तो हैरान रह गया। एक बच्ची की जान चली गई और कई बच्चे अस्पताल में हैं।” आग लगते ही पास के एक निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूर बच्चों को बचाने में जुट गए। शेख आमिरुद्दीन ने बताया कि वह भी उन लोगों की मदद कर रहे थे, जो बच्चों को निकालने के लिए स्कैफोल्डिंग (लोहे का अस्थायी ढांचा) का सहारा ले रहे थे। सिंगापुर सिविल डिफेंस फोर्स (SCDF) को सुबह 9:45 बजे 278 रिवर वैली रोड पर आग लगने की सूचना मिली। दमकल कर्मियों ने तीन वॉटर जेट्स की मदद से करीब 30 मिनट में आग पर काबू पाया। आग लगने की असली वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जब दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे, तब इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल पर आग तेज़ी से फैल रही थी। पुलिस और SCDF ने मिलकर इमारत और उसके आस-पास से करीब 80 लोगों को सुरक्षित निकाला। 20 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक चश्मदीद के मुताबिक, जो संभवतः एक टीचर थीं, उन्हें स्ट्रेचर पर बाहर लाया गया और वह बहुत परेशान थीं और रो रही थीं। वहीं एक राहगीर, जो सिर्फ “विल” के नाम से पहचाना जाना चाहता है, ने बताया कि कई महिलाएं रो रही थीं और अपने बच्चों के बारे में पुलिस से पूछ रही थीं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें एक अलग जगह पर ले जाकर मदद की। बचाव में मदद करने वालों में भारतीय मूल के एक लॉरी ड्राइवर सुब्रमण्यम सरनराज भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने देखा कि बच्चों को खिड़की से बाहर निकाला जा रहा है और उनके चेहरे धुएं से काले पड़ चुके हैं। वे और उनके चार साथी तुरंत अपनी स्कैफोल्डिंग और सीढ़ियां लेकर दौड़कर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालने में मदद की। उन्होंने कहा, “डर तो लगा, लेकिन खुद के लिए नहीं, बच्चों के लिए। वे बहुत छोटे थे और अकेले बाहर नहीं निकल सकते थे। कई बच्चे रो रहे थे, उनके चेहरे देख कर दिल टूट गया।” सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में दिख रहा है कि बच्चे तीसरी मंजिल की खिड़की पर बैठे हैं और पीछे से काले धुएं के गुबार उठ रहे हैं। इस तीन मंजिला इमारत में बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी कई संस्थाएं हैं, जैसे कि कुकिंग स्कूल, थिएटर ग्रुप और रोबोटिक्स स्कूल। जिस शॉपहाउस में आग लगी, वहां “न्यूटनशो” नाम की संस्था बच्चों के लिए एन्हांसमेंट क्लासेस चलाती है। हादसे के बाद उनके स्टाफ को पास की एक कैफे में देखा गया, जो उनके ही एक और सेंटर के पास है। चैनल न्यूज एशिया के मुताबिक, उन्होंने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। “न्यूटनशो” उसी ग्रुप का हिस्सा है, जिसे “ऑरेंज मूड ग्रुप” कहा जाता है। इस ग्रुप का नाम बिल्डिंग के बाहर लगे साइनबोर्ड पर भी लिखा था।



