“पहलगाम आतंकी हमले से हिली दुनिया, कई देशों के नेताओं ने जताई नाराज़गी”

दुनियाभर के नेताओं ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की, भारत के साथ खड़े होने का दिया भरोसा जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर दुनियाभर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लायन, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली समेत कई देशों के नेताओं ने बुधवार को इस हमले की सख्त निंदा की, जिसमें 26 लोगों की जान गई। पाकिस्तान, चीन, जर्मनी, यूएई और श्रीलंका के विदेश मंत्रालयों ने भी इस दर्दनाक हमले पर शोक जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, “महासचिव जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को हुए इस सशस्त्र हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें कम से कम 28 लोगों की जान चली गई।” मंगलवार दोपहर को आतंकियों ने पहलगाम में टूरिस्ट बस को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिसमें ज्यादातर पर्यटक मारे गए। ये हमला साल 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। इससे पहले मंगलवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी भारत के साथ एकजुटता जताई थी।
बुधवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लायन ने इस हमले को ‘घिनौना’ करार देते हुए कहा कि यूरोप इस मुश्किल वक्त में भारत के साथ है। उन्होंने X पर लिखा, “आज पहलगाम में हुआ ये आतंकवादी हमला कई बेगुनाह लोगों की जान ले गया। मेरी गहरी संवेदनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उन सभी भारतीयों के साथ हैं जो आज शोक में हैं। लेकिन मैं जानती हूं कि भारत का हौसला टूटने वाला नहीं है। भारत मजबूती से इस हालात से निकलेगा और यूरोप उसके साथ है।” ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और विदेश सचिव डेविड लैमी ने भी सोशल मीडिया पर भारत के प्रति एकजुटता जताई। स्टारमर ने लिखा, “कश्मीर में हुआ ये भयानक हमला बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएं सभी पीड़ितों और उनके परिजनों के साथ हैं।” इससे कुछ ही देर पहले लैमी ने लिखा, “आज कश्मीर में हुआ ये कायराना और क्रूर हमला बेहद चौंकाने वाला है। मेरी संवेदनाएं सभी पीड़ितों, खासकर उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपनों को खो दिया।” काठमांडू में नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भी इस आतंकी हमले की निंदा करते हुए पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना जताई। उन्होंने X पर लिखा, “नेपाल भारत के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और आतंकवाद के हर रूप की सख्त निंदा करता है।” उन्होंने यह भी बताया कि एक नेपाली नागरिक के पीड़ित होने की खबरों की जांच की जा रही है और सरकार की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी।
अमेरिका के कई सांसदों, जिनमें सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष जिम रिश भी शामिल हैं, ने इस हमले की कड़ी निंदा की। रिश ने X पर लिखा, “कश्मीर में हुए इस भयानक हमले के बाद भारत के लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं और उम्मीद करता हूं कि दोषियों को जल्द सजा मिलेगी। आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।” इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस हमले को ‘बेहद घिनौना’ बताते हुए भारत को पूरी मदद का भरोसा दिया था ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जा सके। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार रह चुके विवेक रामास्वामी ने भी मृतकों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की। इस बीच, कश्मीरी ओवरसीज एसोसिएशन (KOA) ने भी इस भयानक हमले की निंदा की और कहा कि इन 26 पर्यटकों को उनके हिंदू धर्म की वजह से निशाना बनाकर मार दिया गया। इंडियन डायस्पोरा स्टडीज संस्था के नीति प्रमुख खंडेराव कांड और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के पूर्व सलाहकार अजय भूटोरिया ने भी इस हमले की सख्त आलोचना की और कहा कि भारत और अमेरिका, दोनों ही देश राज्य प्रायोजित आतंकवाद के दर्द से वाकिफ हैं। हिंदूPACT से जुड़ी संस्था हिंदूज़ एडवांसिंग ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (HAHRI) ने भी इस हमले की निंदा की और कहा कि यह हमला ऐसे समय हुआ जब भारत में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस दौरे पर थे और प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर थे। ब्रिटेन की फ्रेंड्स ऑफ इंडिया सोसायटी इंटरनेशनल (FISI) UK ने भी इस हमले की सख्त आलोचना की और दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की।



