पाकिस्तान का बड़ा दावा– भारत की जल नीति ‘युद्ध की कार्रवाई’ जैसी

पाकिस्तान ने गुरुवार को भारत के खिलाफ जवाबी कदमों की एक लंबी लिस्ट जारी करते हुए 1972 के शिमला समझौते को सस्पेंड करने का ऐलान कर दिया। यह फैसला उस आतंकी हमले के बाद लिया गया है जो पहलगाम में हुआ था, जिसमें ज़्यादातर पर्यटकों समेत कम से कम 26 लोगों की जान चली गई थी। पाकिस्तान ने साथ ही भारतीय एयरलाइनों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, वाघा बॉर्डर को भी सील करने की घोषणा की है, भारत के साथ सभी तरह के व्यापार पर रोक लगा दी है, और ये भी कहा है कि अगर भारत सिंधु जल समझौते के तहत पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने या मोड़ने की कोशिश करता है, तो उसे युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। ये तमाम फैसले प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक के बाद लिए गए, जो भारत द्वारा सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों को कम करने के फैसले के जवाब में बुलाई गई थी। इस बैठक में कई अहम मंत्री और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए।
बैठक के बाद जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया, “पाकिस्तान की संप्रभुता और अपने नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी धमकी का हर मोर्चे पर मज़बूत और पूरा जवाब दिया जाएगा। भारत को चाहिए कि वह हर बार दोष मढ़ने और घटनाओं को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की आदत से बचे।” बयान में आगे कहा गया कि ऐसे कदम सिर्फ हालात को और बिगाड़ते हैं और शांति की राह में रोड़े अटकाते हैं। बैठक में यह तय हुआ कि भारतीय एयरलाइनों को अब पाकिस्तान के एयरस्पेस से गुजरने की इजाज़त नहीं दी जाएगी और वाघा बॉर्डर को भी बंद कर दिया जाएगा। साथ ही यह भी तय किया गया कि SAARC वीज़ा छूट योजना के तहत भारतीयों को दिए गए वीज़ा सस्पेंड कर दिए जाएंगे, हालांकि इसमें सिख श्रद्धालुओं को छूट दी गई है। पाकिस्तान ने भारत के साथ “हर तरह का व्यापार” बंद करने की घोषणा की है, जिसमें थर्ड कंट्री रूट से होने वाला कारोबार भी शामिल है। भारत द्वारा सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने के फैसले को पाकिस्तान ने सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि यह संधि उसके 24 करोड़ लोगों के लिए जीवन रेखा है। बयान में चेतावनी देते हुए कहा गया, “अगर भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने या मोड़ने की कोशिश की, तो उसे युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।” इसके अलावा पाकिस्तान ने भारत के उच्चायोग में तैनात सैन्य सलाहकारों को 30 अप्रैल तक देश छोड़ने को कहा है।



