India-Pakistan Tension: 32 एयरपोर्ट दोबारा खुले, DGMO ने बताया क्यों मची थी हलचल

भारत ने फिर से खोले 32 एयरपोर्ट!- हालात सामान्य होने पर भारतीय वायुसेना के कहने पर 32 एयरपोर्ट फिर से खुल गए हैं। जम्मू-कश्मीर से लेकर राजस्थान तक के कई अहम हवाई अड्डे शामिल हैं जिनपर कुछ दिनों से उड़ानें बंद थीं। आइए जानते हैं पूरी कहानी।
बंद क्यों हुए थे एयरपोर्ट?- भारत-पाकिस्तान सीमा पर हाल के तनाव के कारण सुरक्षा कारणों से कई एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए थे। ये एयरपोर्ट या तो सीमा के पास थे या फिर ऐसे संवेदनशील इलाकों में स्थित थे जहाँ वायुसेना की गतिविधियाँ ज़्यादा थीं। इससे नागरिक उड़ानों को प्रभावित होने से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया था। इससे आम लोगों की यात्राओं पर असर पड़ा, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। अब जैसे ही हालात शांत हुए हैं, इन एयरपोर्ट को फिर से खोल दिया गया है।
कौन-कौन से एयरपोर्ट खुले?- 32 एयरपोर्ट्स को फिर से खोला गया है जिनमें जम्मू, श्रीनगर, अमृतसर जैसे प्रमुख हवाई अड्डे शामिल हैं। इसके अलावा, कई छोटे एयरपोर्ट जैसे कि उधमपुर, अंबाला, और पठानकोट भी शामिल हैं। ये सभी एयरपोर्ट या तो सीमावर्ती इलाकों में हैं या फिर ऐसे स्थानों पर हैं जहाँ वायुसेना की तैनाती ज़्यादा है। इन एयरपोर्ट के खुलने से यात्रा करने वालों को राहत मिली है और क्षेत्र में आवागमन फिर से सामान्य होने लगा है।
सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस: क्या हुआ था?- सेना के अधिकारियों ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सीमा पर हालात कितने गंभीर थे। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की ओर से लगातार घुसपैठ की कोशिशें हो रही थीं, जिसमें पाकिस्तानी सेना का भी हाथ था। भारत को इस खतरे का पहले से ही अंदाज़ा था और उसने तुरंत कड़ी कार्रवाई की। इसलिए ही कई एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा था।
वायुसेना ने क्यों नहीं किया सीधा हमला?- सेना के अधिकारियों ने बताया कि आमतौर पर वायुसेनाएं सीधे हमला नहीं करतीं। लेकिन इस बार पाकिस्तान की हरकतें बिलकुल अलग थीं। पाकिस्तानी सेना के समर्थन से आतंकवादियों ने घुसपैठ की कोशिश की। भारत ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी और जवाबी कार्रवाई की।
भारत का जवाब: क्या हुआ?- भारत ने एक रणनीतिक और नियंत्रित कार्रवाई करते हुए आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया। इसमें 35-40 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। यह कार्रवाई यह साफ संदेश देती है कि भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।



