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जो बाइडेन को हुआ प्रोस्टेट कैंसर: बीमारी से लड़ने को तैयार हैं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति

जो बाइडेन को हुआ प्रोस्टेट कैंसर: एक करीबी नज़र-यह खबर सुनकर सभी स्तब्ध रह गए जब पता चला कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को प्रोस्टेट कैंसर है। यह लेख बाइडेन जी की बीमारी, इसके इलाज और उनके संघर्ष के बारे में विस्तार से बताएगा।

 बीमारी की पुष्टि और उसकी गंभीरता-हाल ही में, जो बाइडेन को कुछ यूरिन संबंधी समस्याओं के कारण चेकअप के लिए बुलाया गया था। जांच के दौरान पता चला कि उनके प्रोस्टेट में एक गांठ है, और आगे की जांच से पता चला कि यह प्रोस्टेट कैंसर है जो अब हड्डियों तक फैल चुका है। डॉक्टरों ने उनकी बीमारी को ‘हार्मोन-सेंसिटिव’ बताया है, जिसका मतलब है कि इसे कंट्रोल करना संभव है। हालांकि, उनका ग्लिसन स्कोर 9 है, जो बीमारी की गंभीरता को दर्शाता है। इसका मतलब है कि कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल गया है, जिससे इलाज थोड़ा मुश्किल हो सकता है। लेकिन, हार्मोन-सेंसिटिव होने के कारण इलाज के सफल होने की उम्मीद ज़्यादा है। डॉक्टरों की टीम इलाज की योजना बना रही है।

राजनीतिक जगत की प्रतिक्रिया-इस खबर के बाद दुनियाभर के नेताओं ने बाइडेन जी के स्वास्थ्य के लिए चिंता जताई और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। यह वाकई दिलचस्प है कि उनके पुराने राजनीतिक विरोधी, डोनाल्ड ट्रम्प ने भी बाइडेन जी के लिए शुभकामनाएँ भेजी हैं। कमला हैरिस ने भी सोशल मीडिया पर बाइडेन जी के प्रति समर्थन और प्रार्थना व्यक्त की। यह दिखाता है कि इस मुश्किल समय में राजनीतिक मतभेद एक तरफ हो जाते हैं, और मानवीयता आगे आ जाती है।

 बाइडेन जी की सेहत और कैंसर से जंग-82 साल की उम्र में जो बाइडेन की सेहत पहले से ही चर्चा का विषय रही है। उनकी उम्र और सेहत को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं, खासकर जब उन्होंने 2024 के चुनाव में फिर से खड़े होने की बात कही थी। हालांकि, बाइडेन जी ने हाल ही में अपनी उम्र को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज किया है। यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले भी बाइडेन जी को कैंसर से जूझना पड़ा है। 2023 में उनकी छाती से स्किन कैंसर हटाया गया था, और 2021 में उनकी आंत से एक पोलिप निकाला गया था।

 ‘कैंसर मूनशॉट’ और बाइडेन जी का संकल्प-जो बाइडेन जी ने ‘कैंसर मूनशॉट’ नाम से एक बड़ा मिशन शुरू किया था, जिसका लक्ष्य अगले 25 सालों में कैंसर से होने वाली मौतों को आधा करना है। यह मिशन उनके बेटे ब्यू बाइडेन की मौत से प्रेरित है, जिन्हें 2015 में ब्रेन कैंसर हो गया था। यह मिशन बाइडेन जी के कैंसर के खिलाफ लड़ाई के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। अब, अपनी खुद की लड़ाई लड़ते हुए, वे एक बार फिर कैंसर के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दिखा रहे हैं।

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