होर्मुज में फिर भड़का तनाव! अमेरिका ने ईरान पर 7 घंटे तक किए ताबड़तोड़ हमले, भारतीय नाविक भी बने हिंसा की चपेट में

सात घंटे तक चला अमेरिका का सैन्य अभियान, कई ईरानी ठिकानों पर हमला-मध्य पूर्व में तनाव फिर से बढ़ गया है। अमेरिका ने बुधवार को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर करीब सात घंटे तक लगातार बड़े पैमाने पर हमले किए। ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के तटीय इलाकों के आसपास हुए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इस अभियान में लड़ाकू विमान, ड्रोन और नौसेना के जहाजों का इस्तेमाल हुआ। इसका मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना था, जिससे वह होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और उनके चालक दल को निशाना बना रहा था। हालांकि अमेरिका ने हमलों के ठिकानों और नुकसान की विस्तृत जानकारी नहीं दी।
ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी फिर लागू-सैन्य हमलों के साथ ही अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के लिए अपनी नौसैनिक नाकेबंदी भी दोबारा लागू कर दी है। यह नाकेबंदी मंगलवार शाम से शुरू हुई थी। इससे पहले अप्रैल में भी अमेरिका ने ऐसी नाकेबंदी की थी, लेकिन जून में ईरान के साथ बनी अस्थायी सहमति के बाद इसे हटा लिया गया था। अब दोनों देशों के बीच समझौता टूटने के बाद स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई है।
बातचीत विफल, टकराव हुआ तेज-जून में अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन की बातचीत के लिए सहमति बनी थी, लेकिन यह आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद व्यापारिक जहाजों पर हमले और सैन्य टकराव फिर शुरू हो गया। CENTCOM प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में सात व्यापारिक जहाजों पर हमले हुए, जिनमें कई नागरिक चालक दल के सदस्य मारे गए, घायल हुए या लापता हो गए।
ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले का दावा किया-अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया है। IRGC के अनुसार, बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े से जुड़े कमांड सेंटर, ईंधन डिपो और सैन्य उपकरणों वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया। कुवैत और जॉर्डन के एयरबेस पर भी हमले की बात कही गई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। जॉर्डन ने तीन मिसाइलों को हवा में मार गिराने की जानकारी दी, जबकि कुवैत ने ड्रोन रोकने की बात कही।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में हालात सामान्य नहीं होंगे-ईरान ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई बंद नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात सामान्य नहीं होंगे। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका की नाकेबंदी ने जून में हुए अस्थायी समझौते को खत्म कर दिया है। अगर अमेरिका या उसके सहयोगी क्षेत्र से तेल और गैस की सप्लाई रोकेंगे, तो ईरान ऊर्जा आपूर्ति के दूसरे रास्तों को भी निशाना बना सकता है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने की आशंका है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता-अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर भारतीय नाविकों पर भी पड़ा है। भारत ने पुष्टि की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में एमटी अल बहिया और एमटी मोम्बासा टैंकरों पर हुए हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हैं। दोनों जहाजों पर कुल 46 चालक दल थे, जिनमें 30 भारतीय थे। भारत ने ईरानी दूतावास के उप प्रमुख को तलब कर कड़ा विरोध जताया है। यूएई में भारतीय अधिकारी घायलों की मदद के लिए स्थानीय प्रशासन से संपर्क में हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।



