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इंडसइंड बैंक को हुआ रिकॉर्ड घाटा, लेकिन शेयरों ने दिखाई वापसी की ताकत

इंडसइंड बैंक: उतार-चढ़ाव के पीछे की कहानी-इंडसइंड बैंक के शेयरों ने हाल ही में जोरदार उतार-चढ़ाव देखा है, जिससे निवेशक हैरान हैं। आइए, इस घटनाक्रम को समझने की कोशिश करते हैं।

शुरुआती झटका और फिर वापसी-गुरुवार को बैंक के शेयरों में करीब 6% की गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह थी मार्च तिमाही में ₹2,329 करोड़ का भारी नुकसान, जो बैंक के इतिहास का सबसे बड़ा घाटा है। लेकिन दिन के अंत तक शेयरों ने शानदार वापसी की और बीएसई पर 2.75% की बढ़त के साथ बंद हुए।

माइक्रोफाइनेंस और टू-व्हीलर लोन में समस्या- बैंक की सबसे बड़ी मुश्किल माइक्रोफाइनेंस सेक्टर से आई। करीब ₹1,800 करोड़ की रकम गलत श्रेणी में दर्ज की गई थी, जिसे अब NPA (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) के रूप में दिखाया गया है। टू-व्हीलर लोन सेगमेंट में भी कुछ गड़बड़ियाँ मिलीं, जिससे कुल फंसा हुआ कर्ज बढ़कर ₹5,014 करोड़ हो गया। यह साफ दिखाता है कि बैंक की बैलेंस शीट में बड़े स्तर पर सुधार की जरूरत है।

सीईओ और डिप्टी सीईओ का इस्तीफा और आरोप- पिछले दो महीनों में बैंक में काफी उथल-पुथल देखी गई है। 10 मार्च को पता चला कि पिछले दो सालों में डेरिवेटिव ट्रेड्स को गलत तरीके से दर्ज किया गया था। इसके बाद सीईओ सुमंत कथपालिया और उनके डिप्टी अरुण खुराना ने इस्तीफा दे दिया। उन पर अंदरूनी जानकारी का इस्तेमाल करके ट्रेडिंग करने के भी आरोप लगे हैं।

 पारदर्शिता और सुधार की कोशिशें- बैंक ने तिमाही नतीजों में सभी गड़बड़ियों को खुलकर बताया। ₹1,960 करोड़ की डेरिवेटिव गड़बड़ी, ₹674 करोड़ की गलत ब्याज आय, ₹172 करोड़ का माइक्रोफाइनेंस फ्रॉड, और ₹595 करोड़ की गलत मैन्युअल एंट्री – सब कुछ सार्वजनिक किया गया। यह बैंक की पारदर्शिता और सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है।

नए नेतृत्व और भविष्य की उम्मीदें- अब बैंक की कमान अनुभवी बैंकर सुनील मेहता के हाथों में है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि सभी गड़बड़ियों को सुलझा लिया गया है और सभी शेयरधारकों को पूरी जानकारी दी गई है। उनका लक्ष्य बैंक को फिर से मजबूत और भरोसेमंद बनाना है।

पारदर्शिता का रास्ता- इंडसइंड बैंक ने अपनी वित्तीय गड़बड़ियों को सामने लाकर एक बड़ा कदम उठाया है। हालांकि इससे बैंक को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन पारदर्शिता और सुधार की दिशा में उठाए गए कदम सराहनीय हैं। आने वाले समय में बैंक के प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी।

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