गुलाम नबी आज़ाद अस्पताल में भर्ती, खाड़ी दौरे के बीच बिगड़ी तबीयत – टीम को होगी बड़ी कमी

खाड़ी दौरे पर गुलाम नबी आज़ाद की तबीयत बिगड़ी: पूरी कहानी-पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आज़ाद की खाड़ी देशों के दौरे के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह खबर सुनकर सभी चिंतित हैं। आइए जानते हैं पूरी कहानी।
अचानक बिगड़ी तबीयत-76 वर्षीय आज़ाद जी इन दिनों एक बहु-दलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ खाड़ी देशों का दौरा कर रहे थे। कुवैत में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है। परिवार और साथी नेताओं के साथ-साथ देशभर के लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
भारत का विशेष मिशन-आज़ाद जी उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे जिसे भारत ने पाकिस्तान के आतंकवाद और उसकी साज़िशों के बारे में दुनिया को जानकारी देने के लिए भेजा था। यह दौरा हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया था। इस मिशन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के कारनामों को उजागर करना और भारत के दृष्टिकोण को स्पष्ट करना था।
प्रभावशाली भूमिका-बहरीन और कुवैत में, आज़ाद जी ने प्रतिनिधिमंडल की कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लिया और भारतीय पक्ष को मज़बूती से रखा। उनकी भूमिका काफी प्रभावशाली रही। उन्होंने अपनी बातचीत कौशल और राजनीतिक समझ से सभी को प्रभावित किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनकी अचानक बीमारी ने इस महत्वपूर्ण काम को बाधित कर दिया है।
आगे की यात्राओं पर असर-बीजेपी सांसद बैजयंत जय पांडा ने बताया कि आज़ाद जी की गैरमौजूदगी में सऊदी अरब और अल्जीरिया की यात्राएँ अधूरी लगेंगी। आज़ाद जी खुद भी इस बात से निराश हैं कि वे आगे की यात्राओं में शामिल नहीं हो पाएँगे। उनके अनुभव और नेतृत्व का अभाव इस दौरे को प्रभावित करेगा।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य-इस प्रतिनिधिमंडल में कई जाने-माने नेता शामिल थे, जिनमें बीजेपी के निशिकांत दुबे, फंगनोन कोन्याक, रेखा शर्मा, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, नामित सदस्य सतनाम संधू और पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला शामिल थे। ये सभी नेता मिलकर विदेशों में भारत का पक्ष रख रहे थे।



