रूस के खिलाफ साजिश? पुतिन ने पश्चिमी देशों पर लगाया अलगाववाद और आतंक को बढ़ावा देने का आरोप

पश्चिम की अनदेखी: पुतिन का आरोप-क्या पश्चिमी देश जानबूझकर आतंकवादियों को रूस के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं? रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ये गंभीर सवाल उठाया है। आइए, इस मुद्दे को विस्तार से समझते हैं।
आतंकवादियों का बढ़ता साया-पुतिन का कहना है कि पश्चिमी देश आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं, खासकर जब ये संगठन रूस पर हमले करते हैं। मास्को में हुए कई बम धमाके इसी की मिसाल हैं, जिन पर दुनिया खामोश है। पुतिन का मानना है कि ये हमले सिर्फ़ आतंकवाद नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साज़िश का हिस्सा हो सकते हैं।
अलगाववाद को हथियार बनाना-पुतिन ने आरोप लगाया है कि पश्चिमी देश रूस में अलगाववाद को बढ़ावा दे रहे हैं। वे आतंकवाद को रूस के खिलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। यह एक राजनीतिक खेल नहीं, बल्कि रूस की स्थिरता पर सीधा हमला है, ऐसा पुतिन का दावा है। उनका मानना है कि पश्चिम रूस को कमज़ोर करने की हर संभव कोशिश कर रहा है।
यूक्रेन युद्ध और बढ़ता तनाव-यूक्रेन युद्ध ने रूस और पश्चिमी देशों के बीच के रिश्तों में पहले से ही तनाव बढ़ा दिया है। पुतिन के आरोपों से यह तनाव और भी गहरा सकता है। उनका कहना है कि पश्चिम रूस पर सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक मोर्चों पर दबाव बना रहा है।
चेतावनी या राजनीतिक चाल?-पुतिन का बयान सिर्फ़ आरोप नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत भी है। क्या यह रूस की एक नई कूटनीतिक चाल है या वह वाकई में अलग-थलग महसूस कर रहा है? यह समय ही बताएगा। लेकिन इतना तो तय है कि रूस और पश्चिम के बीच तल्खियां बढ़ती ही जा रही हैं।



