कैबिनेट बैठक में सीएम मोहन यादव ने लिए कई बड़े फैसले, किसानों से लेकर श्रद्धालुओं तक को राहत

मध्य प्रदेश कैबिनेट: किसानों से लेकर डिजिटल तक, अहम फैसले!-मध्य प्रदेश की कैबिनेट की हालिया बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिनका सीधा असर राज्य के किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों पर पड़ेगा। आइए, एक नज़र डालते हैं इन महत्वपूर्ण निर्णयों पर:
किसानों के लिए राहत का पैकेज-कैबिनेट ने किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। प्रभारी मंत्रियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है और नकली खाद बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया गया है। यह कदम किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद सुनिश्चित करने और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा।
गांधी सागर पावर प्लांट का आधुनिकीकरण-40 साल पुराने गांधी सागर पावर प्लांट के आधुनिकीकरण को 464 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी मिली है। राज्य सरकार 30% खर्च वहन करेगी, शेष राशि लोन से जुटाई जाएगी। इससे बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूती मिलेगी।
व्यापारियों को बड़ी राहत-उज्जैन और ग्वालियर के व्यापार मेलों में व्यापारियों को 50% की छूट दी जाएगी। यह फैसला छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत देने के लिए लिया गया है, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
महाकाल की सवारी में लोक नृत्य का रंगारंग प्रदर्शन-इस बार महाकाल की सवारी में लोक नृत्य की थीम पर आधारित कार्यक्रम होंगे। सावन-भादौ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रबंध किए जाएंगे, जिससे उनकी यात्रा और भी यादगार बनेगी।
विक्रम विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तन-विक्रम विश्वविद्यालय का नाम बदलकर ‘सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय’ किया जाएगा। यह नाम परिवर्तन विश्वविद्यालय के इतिहास और सांस्कृतिक गौरव को दर्शाता है और युवाओं में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देगा।
मध्य प्रदेश में बनेगा विशाल डेटा सेंटर-मध्य प्रदेश में एक विश्वस्तरीय डेटा सेंटर बनाया जाएगा, जो राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा और आईटी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देगा। यह राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।



