तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी की मांग – बंडारू दत्तात्रेय को बनाया जाए देश का उपराष्ट्रपति

तेलुगु भाषियों के लिए उपराष्ट्रपति पद: एक जायज़ मांग?-तेलंगाना के मुख्यमंत्री, श्री रेवंत रेड्डी ने एक अहम मुद्दा उठाया है – तेलुगु भाषा और तेलुगु भाषी लोगों को देश में उचित सम्मान और प्रतिनिधित्व। उनका मानना है कि देश की दूसरी सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली भाषा होने के बावजूद, तेलुगु भाषियों को उनके हक़ नहीं मिल रहे हैं। इसलिए, उन्होंने मांग की है कि उपराष्ट्रपति पद एक योग्य तेलुगु भाषी नेता को दिया जाए।
बंडारू दत्तात्रेय: क्या हैं योग्यताएँ?-श्री रेड्डी ने बंडारू दत्तात्रेय जी के नाम का सुझाव दिया है। उनका तर्क है कि दत्तात्रेय जी ओबीसी समुदाय से आते हैं और हाल ही में उन्हें हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पद से हटाया गया है। उनका मानना है कि यह कदम तेलुगु ओबीसी नेताओं के प्रति भाजपा सरकार की उपेक्षा को दर्शाता है, और दत्तात्रेय जी को उपराष्ट्रपति बनाना न्यायसंगत होगा।
पूर्व उपराष्ट्रपति का इस्तीफा: एक चिंता-श्री रेड्डी ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर भी अपनी चिंता ज़ाहिर की है। उन्होंने कहा कि बार-बार तेलुगु भाषी नेताओं को उनके पदों से हटाया जाना, एक गंभीर चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने न केवल दत्तात्रेय जी बल्कि अन्य तेलुगु नेताओं को भी उनके पदों से हटाया है, जो कि एक तरह का अन्याय है।
कांग्रेस का समर्थन: क्या होगा आगे?-अब सवाल यह है कि क्या कांग्रेस पार्टी बंडारू दत्तात्रेय जी के नाम का समर्थन करेगी? श्री रेड्डी ने कहा कि वह इस बारे में अपनी पार्टी के नेतृत्व से बात करेंगे, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान का होगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि जब तक एनडीए सत्ता में है, देश असुरक्षित महसूस करता रहेगा।



