“चुनाव में धांधली और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के खिलाफ कांग्रेस की देशव्यापी मुहिम शुरू, राहुल और खरगे ने दी कमान”

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी: कांग्रेस का देशव्यापी अभियान-कांग्रेस पार्टी ने चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। वोटर लिस्ट में हो रही कथित गड़बड़ियों के खिलाफ पार्टी ने देशव्यापी मुहिम शुरू करने का ऐलान किया है। यह मुहिम न सिर्फ़ कांग्रेस के लिए, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र के लिए बेहद अहम है।
राहुल गांधी का आरोप और कर्नाटक का उदाहरण-हाल ही में, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में लाखों फर्जी वोटों के होने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग और बीजेपी पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची में जानबूझकर हेराफेरी की गई है। यह आरोप गंभीर है और लोकतंत्र की नींव को हिलाने वाला है। कर्नाटक का यह उदाहरण देश के अन्य हिस्सों में भी हो रही गड़बड़ियों की ओर इशारा करता है।
संसद से चुनाव आयोग तक मार्च: विपक्ष की एकजुटता-कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करने का फैसला किया है। यह मार्च बिहार समेत कई राज्यों में चल रही वोटर लिस्ट की ‘विशेष गहन समीक्षा’ प्रक्रिया के विरोध में है। कांग्रेस का मानना है कि इस प्रक्रिया के ज़रिए सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। यह मार्च विपक्ष की एकजुटता और लोकतंत्र की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
‘अब या कभी नहीं’: कांग्रेस का संकल्प-कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि ‘करो या मरो’ की तरह, आज लोकतंत्र को बचाने के लिए कांग्रेस को भी एक मज़बूत संकल्प लेना होगा। यह मुहिम सिर्फ़ कांग्रेस की नहीं, बल्कि हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है। यह समय है जब हर नागरिक को अपनी आवाज़ उठानी होगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आना होगा।
जमीनी स्तर तक पहुँचाने की कोशिश-कांग्रेस इस मुहिम को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो राज्य कांग्रेस कार्यालयों में दिखाएगी। इससे पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग इस मुद्दे को समझ सकेंगे और बीजेपी और चुनाव आयोग के कथित गठजोड़ के खिलाफ आवाज़ उठा सकेंगे। कांग्रेस का मानना है कि अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो लोकतंत्र को खतरा हो सकता है।



