न्यूयॉर्क मेयर चुनाव में ट्रंप की दखल: ममतानी के खिलाफ मैदान से हटने का दबाव

ट्रंप का बड़ा दांव: न्यूयॉर्क मेयर चुनाव में क्यों मचा है बवाल?
ट्रंप की सीधी दखल: क्या है पूरा मामला?-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क सिटी के 2025 मेयर चुनाव में एक ऐसी चाल चली है, जिसने सबको चौंका दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर दो उम्मीदवारों से चुनाव से हटने की अपील की है। ट्रंप की चिंता साफ है: अगर कई उम्मीदवार मैदान में डटे रहे, तो डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट ज़ोहरान ममतानी को जीत मिल सकती है। ट्रंप ने ममतानी को ‘कम्युनिस्ट’ बताते हुए कहा कि वो नहीं चाहते कि न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहर का नेतृत्व कोई ‘कम्युनिस्ट’ करे। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि अगर दो उम्मीदवार पीछे हट जाएं और मुकाबला सीधा हो, तो जीत संभव है। सूत्रों की मानें तो ट्रंप ने कुछ उम्मीदवारों को अगले हफ्ते तक मैदान छोड़ने की समय-सीमा भी दे दी है, जिससे यह साफ हो जाता है कि वे इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं।
ममतानी का पलटवार: जनता के बीच क्या है माहौल?-ज़ोहरान ममतानी, जो न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के सदस्य हैं और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से मेयर पद के उम्मीदवार हैं, आजकल काफी चर्चा में हैं। उनके प्रगतिशील वादों, जैसे किराया फ्रीज, मुफ्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सबके लिए चाइल्डकेयर और शहर द्वारा संचालित ग्रॉसरी स्टोर, ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया है। हालांकि, ट्रंप और उनके समर्थक इन नीतियों को ‘कम्युनिस्ट’ करार दे रहे हैं, लेकिन ममतानी का कहना है कि यह सिर्फ लोगों को डराने की कोशिश है। ट्रंप की टिप्पणी पर उन्होंने तीखा जवाब देते हुए इसे ‘अत्याचारपूर्ण और बेशर्मी भरी दखल’ बताया। ममतानी ने ट्रंप को सीधे चुनौती देते हुए ट्वीट किया कि अगर वे वाकई चुनाव में दखल देना चाहते हैं, तो आकर उनसे बहस करें।
राजनीतिक दांव-पेंच: कौन किसके साथ?-इस मेयर चुनाव की दौड़ में कई बड़े नाम शामिल हैं, जैसे पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो (जो एक स्वतंत्र उम्मीदवार हैं), मौजूदा मेयर एरिक एडम्स और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा। ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप, कुओमो को ममतानी के खिलाफ सबसे मजबूत उम्मीदवार के तौर पर देख रहे हैं और इसीलिए वे चाहते हैं कि कुओमो के रास्ते से बाकी उम्मीदवार हट जाएं। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि एरिक एडम्स को केंद्र सरकार में कोई पद देने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, ताकि वे भी इस दौड़ से बाहर हो जाएं। हालांकि कुओमो ने ट्रंप के बयान पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उन्होंने अपने दानदाताओं को भरोसा दिलाया है कि वे ममतानी की नीतियों का कड़ा विरोध करेंगे। वहीं, एरिक एडम्स पहले से ही कानूनी जांचों का सामना कर रहे हैं, जिससे उनके लिए यह चुनाव और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी दिलचस्पी: चुनाव का बढ़ता पारा-यह न्यूयॉर्क मेयर का चुनाव अब सिर्फ शहर की राजनीति तक सीमित नहीं रह गया है। डोनाल्ड ट्रंप की सीधी भागीदारी ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर विपक्षी वोट एकजुट हो जाते हैं, तो ज़ोहरान ममतानी के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। वहीं, ममतानी के समर्थक इस पूरी लड़ाई को ‘जनता बनाम सिस्टम’ के रूप में देख रहे हैं। ट्रंप लंबे समय से ममतानी के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंतित रहे हैं। उनके करीबी अरबपतियों ने भी इस बात का जिक्र किया है कि ट्रंप को डर है कि ममतानी की नीतियां न्यूयॉर्क की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा दोनों पर बुरा असर डाल सकती हैं। जैसे-जैसे नवंबर में चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक माहौल और भी गरमाता जा रहा है। मौजूदा सर्वेक्षणों में ममतानी आगे दिख रहे हैं, लेकिन अगर विपक्षी उम्मीदवार एकजुट हो गए, तो तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।



