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केरल की राजनीति में बढ़ा सियासी घमासान: UDF, कांग्रेस और इस्लामिक संगठनों पर BJP का तीखा हमला

केरल की राजनीति में नया विवाद: BJP का कांग्रेस-UDF पर बड़ा आरोप-केरल की राजनीति में एक बार फिर सियासी तूफान मचा है। CPI(M) के बाद अब भाजपा ने भी कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF पर जमकर हमला बोला है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस और UDF कट्टर इस्लामिक संगठनों जैसे जमात-ए-इस्लामी और वेलफेयर पार्टी से नजदीकियां बढ़ा रहे हैं, जो राज्य और देश के लिए खतरा हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का सोशल मीडिया बयान-राजीव चंद्रशेखर ने फेसबुक पर एक कड़ा पोस्ट किया जिसमें उन्होंने राहुल गांधी की कांग्रेस और UDF पर कट्टर इस्लामिक संगठनों के साथ गठजोड़ का आरोप लगाया। उनका कहना था कि ये गठजोड़ भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और लोकतंत्र को कमजोर करता है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

लोकतंत्र में ‘घुसपैठ’ का आरोप-भाजपा नेता ने कहा कि कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों को लोकतांत्रिक संस्थानों में जगह नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने छद्म धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कुछ समूहों द्वारा मीडिया और राजनीति में घुसपैठ की कोशिशों की निंदा की और लोगों से ऐसे कदमों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।

UAE के उदाहरण से लिया सबक-चंद्रशेखर ने अपने पोस्ट में UAE का उदाहरण दिया, जहां मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे कट्टर संगठनों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में यह साफ हो चुका है कि ऐसे संगठनों को बढ़ावा देना कितना खतरनाक होता है और भारत को इससे सीख लेनी चाहिए।

आम जनता पर पड़ता है सबसे बड़ा असर-भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कट्टरपंथ और आतंकवाद का सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को होता है। ये ताकतें न केवल लोकतंत्र को कमजोर करती हैं, बल्कि समाज की शांति और जीवनशैली को भी प्रभावित करती हैं। उन्होंने यूरोप और अफ्रीका के हालात का हवाला देते हुए इसे गंभीर खतरा बताया।

कांग्रेस-UDF की ओर से फिलहाल चुप्पी-राजीव चंद्रशेखर के आरोपों पर कांग्रेस और UDF की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है और माना जा रहा है कि जल्द ही जवाबी बयान सामने आ सकते हैं।

SDPI के समर्थन से विवाद और बढ़ा-यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों में SDPI ने कुछ जगहों पर UDF का समर्थन किया था। SDPI को प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की राजनीतिक शाखा माना जाता है, जिससे भाजपा और CPI(M) दोनों ने कांग्रेस-UDF पर सवाल उठाए हैं।

CPI(M) और मुख्यमंत्री का भी हमला-सत्तारूढ़ CPI(M) ने भी जमात-ए-इस्लामी समर्थित वेलफेयर पार्टी के कथित समर्थन को लेकर कांग्रेस-UDF की आलोचना की है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और IUML जैसे दल विवादित संगठनों को क्लीन चिट देने की कोशिश कर रहे हैं।

IUML और जमात-ए-इस्लामी के बीच विवाद-मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि हालिया स्थानीय चुनावों में IUML और जमात-ए-इस्लामी के बीच राजनीतिक समझौता हुआ है। मुस्लिम बहुल इलाकों में भी ये संगठन अलग-थलग हैं, फिर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी उनसे गठजोड़ करने को तैयार हैं।

केरल की राजनीति में बढ़ती सियासी तल्खी-जमात-ए-इस्लामी और उससे जुड़े संगठनों का मुद्दा केरल की राजनीति में बड़ा विवाद बन चुका है। BJP, CPI(M) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आने वाले चुनावों में यह मुद्दा और ज्यादा गरमाने के संकेत दे रहा है, जो राज्य की राजनीतिक तस्वीर को और जटिल बना सकता है।

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