1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स कानून: आम करदाताओं के लिए क्या बदलेगा, क्या रहेगा आसान

1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट 2025: जानिए क्या-क्या होगा बदलाव-सरकार ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जरिए साफ कर दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो जाएगा। यह कानून 60 साल पुराने पुराने आयकर कानून की जगह लेगा और टैक्स सिस्टम को ज्यादा सरल, साफ और विवादों से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखता है। इस नए कानून के साथ नए रिटर्न फॉर्म भी जल्द जारी किए जाएंगे ताकि करदाता आसानी से इसे समझ सकें।
60 साल पुराने कानून को मिलेगा विदाई-1 अप्रैल से लागू होने वाला नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 पुराने 1961 के कानून को पूरी तरह से बदल देगा। इसमें 2026-27 के बजट में किए गए टैक्स सुधार भी शामिल हैं। सरकार का मकसद है कि टैक्स नियमों को आसान और स्पष्ट बनाया जाए ताकि करदाताओं को परेशानी न हो और टैक्स विवाद कम हों।
बजट भाषण में वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान-लोकसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि डायरेक्ट टैक्स कोड को रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2026 से यह नया कानून पूरी तरह से लागू होगा। नए नियम और फॉर्म जल्द जारी किए जाएंगे ताकि करदाता पहले से ही इसकी प्रक्रिया से परिचित हो सकें।
आम लोगों के लिए आसान बनाए गए नए फॉर्म-निर्मला सीतारमण ने यह भी बताया कि नए इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म इस तरह से बनाए गए हैं कि आम लोग बिना किसी दिक्कत के इन्हें भर सकें। भाषा और प्रक्रिया को सरल रखा गया है ताकि तकनीकी जटिलताओं से बचा जा सके और हर कोई खुद से रिटर्न दाखिल कर सके।
टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं, कानून रहेगा न्यूट्रल-सरकार ने स्पष्ट किया है कि इनकम टैक्स एक्ट 2025 पूरी तरह से रेवेन्यू न्यूट्रल है। इसका मतलब है कि टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसका मकसद केवल टैक्स कानूनों को आसान बनाना, अस्पष्टताओं को खत्म करना और कानूनी विवादों को कम करना है।
कानून हुआ छोटा और आसान-नए कानून में टेक्स्ट और धाराओं की संख्या लगभग 50 प्रतिशत तक कम कर दी गई है। 1961 के कानून की तुलना में यह नया एक्ट ज्यादा संक्षिप्त और समझने में आसान होगा। इससे करदाता और टैक्स अधिकारी दोनों के लिए काम करना आसान हो जाएगा।
असेसमेंट ईयर का झंझट खत्म, टैक्स ईयर आएगा-इनकम टैक्स एक्ट 2025 में पुरानी असेसमेंट ईयर और प्रीवियस ईयर की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अब सिर्फ एक “टैक्स ईयर” होगा, जिससे टैक्स कैलकुलेशन और फाइलिंग प्रक्रिया ज्यादा साफ और सरल हो जाएगी।
लेट रिटर्न पर भी मिलेगा TDS रिफंड-नए कानून की एक बड़ी सुविधा यह है कि अब तय समय के बाद रिटर्न फाइल करने पर भी TDS रिफंड क्लेम किया जा सकेगा। इसके लिए कोई पेनल्टी चार्ज नहीं देना होगा। यह उन करदाताओं के लिए राहत की बात है जो किसी वजह से समय पर रिटर्न नहीं दाखिल कर पाते।



