पीएम मोदी की इजराइल यात्रा: दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27-28 फरवरी को इजराइल की महत्वपूर्ण यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरे को लेकर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खासा उत्साह जताया है। यह मोदी का तीसरा कार्यकाल है और पहला इजराइल दौरा होने के कारण दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा भरने वाला माना जा रहा है।
नेतन्याहू का स्वागत और भारत-इजराइल दोस्ती पर जोर-नेतन्याहू ने ‘कॉन्फ्रेंस ऑफ प्रेसिडेंट्स ऑफ मेजर अमेरिकन ज्यूइश ऑर्गनाइजेशंस’ में कहा कि यह यात्रा सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि दो भरोसेमंद साझेदारों की मुलाकात है। उन्होंने भारत की वैश्विक ताकत बनने की बात कही और बताया कि रक्षा, तकनीक, व्यापार और कूटनीति पर गहन चर्चा होगी।
2017 की ऐतिहासिक यात्रा ने बदले रिश्ते-2017 में पीएम मोदी की पहली इजराइल यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दी। उस दौर से भारत-इजराइल संबंध ‘रणनीतिक साझेदारी’ में बदल गए। अब 2026 की यह यात्रा इस साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर है, जो वैश्विक और क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
रक्षा और तकनीक में गहरा सहयोग-भारत और इजराइल के बीच रक्षा सहयोग मजबूत है। भारतीय सेना में स्पाइक एंटी-टैंक मिसाइल और बराक-8 एयर डिफेंस सिस्टम जैसी उन्नत तकनीक शामिल है। इस बार की यात्रा में ‘ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी’ और भारत में रक्षा उपकरण निर्माण पर खास जोर रहेगा। साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी साझेदारी बढ़ेगी।
खेती और जल प्रबंधन में भी बढ़ेगा सहयोग-दोनों देशों की दोस्ती सिर्फ रक्षा तक सीमित नहीं है। इजराइल की ड्रिप इरिगेशन तकनीक ने भारत के किसानों को खासकर सूखे इलाकों में मदद दी है। पीएम मोदी की यात्रा में कृषि उत्कृष्टता केंद्रों के विस्तार और स्टार्टअप सहयोग पर भी चर्चा होगी, जिससे आम लोगों की जिंदगी में सुधार आएगा।
यह दौरा भारत-इजराइल के बीच मजबूत दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है। दोनों देश रक्षा, तकनीक, कृषि और जल प्रबंधन जैसे कई क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे, जो दोनों देशों के विकास और सुरक्षा के लिए फायदेमंद साबित होगा।



