Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का चौथा दिन: सवालों की गूंज, बजट पर बहस की शुरुआत और जनहित मुद्दों पर फोकस

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: चौथे दिन की अहम कार्यवाही और चर्चा- प्रश्नकाल से शुरू होगी सदन की कार्यवाही, मंत्रियों से होंगे सीधे सवाल, छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज सदन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जहां विधायक सीधे मंत्रियों से सवाल पूछेंगे। डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गुरु खुशवंत जवाब देंगे। यह समय सरकार की जवाबदेही और जनहित के मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करने का मौका होता है।

मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री पेश करेंगे अहम सरकारी दस्तावेज-प्रश्नकाल के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी सदन में सरकारी योजनाओं और नीतियों से जुड़े दस्तावेज पेश करेंगे। इससे विधायकों को सरकार की कार्यप्रणाली समझने और उस पर अपनी राय देने का मौका मिलेगा। यह पारदर्शिता बनाए रखने और आगे की नीतियों पर चर्चा के लिए जरूरी कदम है।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव से उठेंगे जनहित के मुद्दे-आज के सत्र में विधायक सुनील सोनी और अंबिका मरकाम ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश करेंगे, जिनके जरिए वे अपने क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण जनहित के विषय सदन में उठाएंगे। यह प्रस्ताव सरकार का ध्यान उन समस्याओं की ओर आकर्षित करते हैं, जिनका समाधान जरूरी होता है। इससे जनता की वास्तविक समस्याओं पर सरकार को कार्रवाई करनी होती है।

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर होगी चर्चा, विकास योजनाओं पर रहेगा फोकस-आज बजट चर्चा की शुरुआत भी होगी, जिसमें विधायक सरकार की योजनाओं, खर्च और प्राथमिकताओं पर अपने विचार रखेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह चर्चा तय करेगी कि राज्य के संसाधनों का उपयोग कैसे होगा और जनता को क्या लाभ मिलेगा।

समितियों के प्रस्ताव और याचिकाएं भी होंगी पेश-सत्र में सभापति विक्रम उसेंडी प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे, जबकि विधायक कुंवर सिंह निषाद और सुशांत शुक्ला याचिकाएं पेश करेंगे। वित्त मंत्री ओपी चौधरी विभिन्न समितियों के निर्वाचन से जुड़े प्रस्ताव रखेंगे। मंत्री रामविचार नेताम अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति से संबंधित प्रस्ताव भी पेश करेंगे। ये प्रक्रियाएं सदन के प्रशासनिक और विधायी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने में मदद करेंगी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह सत्र राज्य के विकास और जनहित के मुद्दों पर गहन चर्चा का अवसर है। प्रश्नकाल से लेकर बजट चर्चा और समितियों के प्रस्ताव तक, हर कदम पर पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया जाएगा। यह सत्र राज्य की प्रगति और जनता की भलाई के लिए निर्णायक साबित होगा।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button