इंदौर में मिलावटी दूध पर सख्त कार्रवाई: डेयरियों पर छापे, 12 सैंपल जब्त, प्रशासन सख्त

इंदौर में मिलावटी दूध के खिलाफ सख्त कार्रवाई: प्रशासन ने दी साफ चेतावनी-इंदौर में मिलावटी दूध के मामले को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सख्त हो गया है। लोगों की सेहत से जुड़ा यह मुद्दा गंभीर होने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। सोमवार को कई डेयरियों पर छापेमारी की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया और डेयरी संचालकों को कड़ा संदेश दिया गया।
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर शुरू हुआ अभियान-इस अभियान की शुरुआत कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मिलावटी दूध और नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी और जांच अभियान चलाया।
कनाडिया इलाके की कई डेयरियों पर छापेमारी-खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कनाडिया रोड और आसपास के इलाकों में सघन जांच की। इस दौरान जोशी दूध दही भंडार, ओसवाल डेरी, गणेश दूध दही भंडार और पूजा डेरी जैसे प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने दूध की गुणवत्ता और साफ-सफाई को बारीकी से जांचा।
12 नमूने जांच के लिए जब्त किए गए-कार्रवाई के दौरान विभिन्न डेयरियों से दूध और मावा के कुल 12 सैंपल लिए गए। इनमें जोशी दूध दही भंडार से 4, ओसवाल डेरी से 3, गणेश दूध दही भंडार से 3 और पूजा डेरी से 2 नमूने शामिल हैं। सभी सैंपल जांच के लिए सुरक्षित तरीके से जब्त किए गए हैं।
डेयरी संचालकों को सख्त चेतावनी-निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डेयरी संचालकों को साफ निर्देश दिए कि वे साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें और किसी भी तरह की मिलावट न करें। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर कोई भी व्यक्ति लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
भोपाल की लैब में होगी सैंपल की जांच-खाद्य विभाग ने बताया कि सभी सैंपल भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद अगर कोई नमूना मिलावटी पाया गया, तो संबंधित के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभियान जारी रहेगा, मिलावटखोरों पर सख्ती-प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मकसद है लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना और मिलावटखोरों पर कड़ी नजर रखना।
इंदौर प्रशासन की यह कार्रवाई लोगों की सेहत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम है। मिलावटी दूध जैसी गंभीर समस्या के खिलाफ यह अभियान न केवल जागरूकता बढ़ाएगा, बल्कि दोषियों को भी सजा दिलाने में मदद करेगा। इससे शहर में खाद्य सुरक्षा बेहतर होगी और लोगों का विश्वास बढ़ेगा।



