बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव! नीतीश कुमार के बेटे निशांत बने मंत्री, गांधी मैदान में दिखी NDA की ताकत

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव: नीतीश कुमार के बेटे निशांत बने मंत्री, गांधी मैदान में NDA की ताकत दिखी-बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन खास रहा। जेडीयू प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार समेत 30 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। पटना के गांधी मैदान में आयोजित इस बड़े समारोह में NDA के कई दिग्गज नेता मौजूद थे, जिससे राजनीतिक माहौल और भी गरम हो गया।
निशांत कुमार की एंट्री से बढ़ी चर्चा-निशांत कुमार की पहली बार मंत्री पद की शपथ ने खूब सुर्खियां बटोरीं। लंबे समय से उनकी सक्रियता की चर्चा थी, लेकिन अब आधिकारिक तौर पर मंत्री बनने के बाद जेडीयू में नई पीढ़ी की भूमिका और मजबूत होने लगी है। यह बदलाव पार्टी के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है।
गांधी मैदान में जुटे NDA के बड़े चेहरे-शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा जैसे बड़े नेता मौजूद थे। उनकी मौजूदगी ने साफ कर दिया कि NDA बिहार में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
राज्यपाल ने दिलाई मंत्री पद की शपथ-बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सभी नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। निशांत कुमार के अलावा पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, श्रवण कुमार और अशोक चौधरी जैसे नेता भी मंत्री बने। समारोह में समर्थकों का उत्साह देखने लायक था।
सम्राट चौधरी बने BJP के पहले मुख्यमंत्री-पिछले महीने सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा और सम्राट चौधरी राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बने। इसे बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
NDA सहयोगियों की भी बढ़ी उम्मीदें-बिहार में NDA गठबंधन में भाजपा और जेडीयू के अलावा लोक जनशक्ति पार्टी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा जैसे दल भी शामिल हैं। नई सरकार में इन दलों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है, जिससे गठबंधन और मजबूत होगा।
सत्ता परिवर्तन के बाद नई रणनीति-पिछले साल नवंबर में बनी नीतीश कुमार सरकार में सहयोगी दलों को जगह मिली थी। अब सत्ता परिवर्तन के बाद नए मंत्रिमंडल के साथ राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं। जानकार मानते हैं कि NDA आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर बिहार में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है।
बिहार की राजनीति में नई पीढ़ी की शुरुआत-निशांत कुमार के मंत्री बनने को सिर्फ राजनीतिक नियुक्ति नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की शुरुआत माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि वे राजनीति में कितनी सक्रिय भूमिका निभाते हैं और सरकार में उनकी जिम्मेदारी क्या होती है। यह बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय साबित हो सकता है।



