बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी का बड़ा आरोप: ‘बाहरी वोटरों से खेल रही है BJP’, जनता से किया भावुक अपील

ममता बनर्जी की चुनावी अपील: बंगाल की पहचान बचाने का वक्त-पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना में चुनावी रैली के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जनता से दिल से अपील की कि इस बार उम्मीदवार के नाम से ज्यादा यह सोचें कि बंगाल की पहचान और सम्मान बचाना है। उन्होंने कहा कि सभी 294 सीटों पर उन्हें ही अपना उम्मीदवार मानकर वोट करें। उनका मानना है कि यह चुनाव सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि बंगाल की आत्मा का भी है।
एक दिन में 30 हजार नए वोटर फॉर्म पर उठे सवाल-ममता बनर्जी ने बताया कि उनके बेटे अभिषेक बनर्जी को खबर मिली कि एक ही दिन में करीब 30 हजार नए वोटर फॉर्म जमा किए गए हैं। इस खबर के बाद अभिषेक को अपना प्रचार रोककर तुरंत कोलकाता में चुनाव आयोग के दफ्तर जाना पड़ा। टीएमसी इस मामले को लेकर गहरी चिंता में है और इसे चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी मानती है।
बीजेपी पर बाहरी वोटर जोड़ने का आरोप-मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वे बिहार, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से अवैध वोटरों को बंगाल की वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार की तरह यहां भी रेलवे के जरिए बाहर से लोगों को लाने की योजना है ताकि चुनाव के नतीजों को प्रभावित किया जा सके।
महिलाओं और अल्पसंख्यकों के नाम हटाने का आरोप-ममता बनर्जी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया के नाम पर महिलाओं और अल्पसंख्यकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह कदम लोगों के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने जैसा है, जिसे उनकी पार्टी कभी स्वीकार नहीं करेगी।
NRC और खान-पान पर भी निशाना-उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है, तो बंगाल में लोगों के खान-पान पर पाबंदी लगाई जा सकती है, खासकर नॉन-वेज खाने पर। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार NRC को छुपे तरीके से लागू करने और कुछ लोगों को डिटेंशन कैंप भेजने की योजना बना रही है, जिसे टीएमसी हर हाल में रोकने की कोशिश करेगी।
‘हर कदम पर लड़ाई’ का ऐलान-अपने भाषण के अंत में ममता बनर्जी ने साफ कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी और चुनाव आयोग के खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे एकजुट होकर लोकतंत्र और अपने अधिकारों की रक्षा करें। उनका कहना था कि यह चुनाव सिर्फ सरकार बनाने का नहीं, बल्कि अपने हक बचाने का भी है।
इस चुनावी मंच से ममता बनर्जी ने साफ संदेश दिया है कि बंगाल की जनता को अपने अधिकारों और पहचान के लिए सजग रहना होगा और हर चुनौती का सामना मिलकर करना होगा।



