दबंग कॉलेज बॉय से ‘सिंघम’ तक: अजय देवगन की कहानी, संघर्ष, विवाद और स्टारडम

57 की उम्र में भी अजय देवगन का जलवा बरकरार: संघर्ष से सुपरस्टार तक का सफर-अजय देवगन ने 2 अप्रैल 2026 को अपना 57वां जन्मदिन मनाया। 1969 में जन्मे अजय ने तीन दशकों से ज्यादा समय में 100 से अधिक फिल्मों में काम करके अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी एक्टिंग की खासियत है कम शब्दों में गहरी भावनाएं बयां करना, जो उन्हें बाकी अभिनेताओं से अलग बनाती है।
कॉलेज के दिन: दबंग और बेफिक्र अंदाज-आज अजय देवगन शांत और गंभीर दिखते हैं, लेकिन कॉलेज के दिनों में उनका अंदाज बिलकुल अलग था। उस वक्त उनका नाम विशाल वीरेंद्र देवगन था। उनके दोस्तों का एक गैंग था, जिससे कॉलेज के बाकी छात्र डरते थे। उनकी दबंग छवि उस वक्त पूरे कॉलेज में मशहूर थी।
स्टंट और रफ्तार का जुनून, दो बार जेल जाना पड़ा-अजय को बचपन से ही स्टंट करने और तेज रफ्तार गाड़ियों चलाने का शौक था। सड़क पर बेफिक्र होकर गाड़ी चलाना उनकी आदत में था। इसी वजह से उन्हें दो बार जेल भी जाना पड़ा। ये घटनाएं उनके जीवन के शुरुआती दौर की बड़ी यादें हैं।
एक गलती और भीड़ ने कर दी पिटाई-एक बार अजय अपने दोस्तों के साथ जीप में जा रहे थे, तभी अचानक एक बच्चा उनकी गाड़ी के सामने आ गया। उन्होंने ब्रेक लगाया, लेकिन बच्चा डर गया। देखते ही देखते लोग इकट्ठा हो गए और मामला इतना बढ़ गया कि भीड़ ने अजय और उनके दोस्तों को घेरकर मारपीट शुरू कर दी।
15 मिनट तक चली पिटाई, साथ थे साजिद खान-अजय ने बताया कि करीब 10 से 15 मिनट तक उनकी जमकर पिटाई हुई। इस दौरान उनके साथ साजिद खान भी थे। उन्होंने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन हालात बिगड़ गए और भीड़ काबू में नहीं आई। मामला हाथ से निकल गया था।
पिता वीरू देवगन ने भेजे 100 फाइटर्स-जब यह खबर उनके पिता वीरू देवगन तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत फिल्म सेट से करीब 100 फाइटर्स भेज दिए। हालांकि तब तक मामला शांत हो चुका था, लेकिन फाइटर्स के आने से स्थिति उनके पक्ष में हो गई और उन्होंने माहौल संभाल लिया।
‘फूल और कांटे’ से शुरू हुआ करियर-अजय ने 1991 में फिल्म ‘फूल और कांटे’ से बॉलीवुड में कदम रखा। दिलचस्प बात यह है कि पहले इस फिल्म के लिए अक्षय कुमार को चुना जा रहा था, लेकिन डायरेक्टर कुक्कू कोहली ने अजय की फोटो देखकर फैसला बदल दिया और उन्हें मौका दिया।
अमिताभ बच्चन का डायलॉग बना टर्निंग पॉइंट-ऑडिशन के दौरान अजय को अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘जंजीर’ का मशहूर डायलॉग बोलने को कहा गया। उनकी परफॉर्मेंस इतनी दमदार थी कि उन्हें तुरंत फिल्म के लिए चुन लिया गया। यही मौका उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।
मजाक उड़ाया गया, लेकिन फराह खान ने जताया भरोसा-जब अजय ने दोस्तों को बताया कि वे हीरो बनने जा रहे हैं, तो सभी ने उनका मजाक उड़ाया। लोगों ने कहा कि उनका लुक हीरो जैसा नहीं है। लेकिन फराह खान ने उन पर भरोसा जताया और कहा कि वे एक दिन बड़े स्टार बनेंगे।
संघर्ष और मेहनत से बना सुपरस्टार-अजय देवगन की कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल है। कॉलेज के दबंग लड़के से लेकर बॉलीवुड के ‘सिंघम’ बनने तक का उनका सफर दिखाता है कि मेहनत, टैलेंट और सही मौके मिलने पर कोई भी इंसान अपने सपनों को पूरा कर सकता है।
अजय देवगन की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि असली जीत संघर्षों से होकर गुजरती है और जो लोग हार नहीं मानते, वे ही असली सुपरस्टार बनते हैं।



