पुडुचेरी में कांग्रेस-DMK के बीच दरार के संकेत? राहुल और स्टालिन की अलग-अलग रैलियों ने बढ़ाई चर्चा

पुडुचेरी चुनाव में कांग्रेस और DMK के रिश्तों में खिंचाव: क्या टूटेगा गठबंधन?-पुडुचेरी चुनाव के बीच कांग्रेस और DMK के बीच चल रहे गठबंधन में खिंचाव की खबरें तेजी से सामने आ रही हैं। दोनों पार्टियां वोट तो साथ मांग रही हैं, लेकिन अलग-अलग रैलियों और रणनीतियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि आखिर क्या वजह है इस दूरी की और आगे क्या हो सकता है।
राहुल गांधी और एम के स्टालिन की अलग-अलग रैलियां-पुडुचेरी में सोमवार को राहुल गांधी और एम के स्टालिन ने अलग-अलग रैलियां कीं। सुबह राहुल गांधी ने कांग्रेस गठबंधन के सभी 30 उम्मीदवारों के साथ सभा की, जबकि शाम को स्टालिन ने प्रचार किया। इस अलगाव ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है कि कहीं गठबंधन में दरार तो नहीं आ रही।
लॉजिस्टिक वजह या अंदरूनी मतभेद?-कांग्रेस और DMK के नेताओं ने इस अलग-अलग रैली को सिर्फ “लॉजिस्टिक समस्या” बताया है, लेकिन दोनों नेताओं के बीच दूरी साफ नजर आ रही है। राहुल गांधी और स्टालिन जो पहले एक-दूसरे को भाई कहकर संबोधित करते थे, अब अलग-अलग मंचों पर प्रचार कर रहे हैं, जो गठबंधन में अंदरूनी मतभेद की ओर इशारा करता है।
सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस में नाराजगी-सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी DMK द्वारा कांग्रेस की सीटें कम करने से नाराज थे। इतना कि उन्होंने गठबंधन छोड़कर एक्टर विजय की पार्टी TVK के साथ जाने का भी मन बनाया था। हालांकि, पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद कांग्रेस ने समझौता कर लिया और गठबंधन कायम रखा।
28 सीटों पर बनी सहमति, लंबी बातचीत के बाद तय हुआ फॉर्मूला-आखिरकार Mallikarjun Kharge और Sonia Gandhi के फैसले के बाद कांग्रेस ने 28 सीटों पर राजी हो गई। इनमें से 16 सीटें कांग्रेस खुद लड़ेगी, जबकि बाकी 14 सीटें DMK और उसके सहयोगियों को दी गई हैं। यह फॉर्मूला लंबी बातचीत के बाद तय हुआ है।
राहुल गांधी का बड़ा वादा: पुडुचेरी को मिलेगा राज्य का दर्जा-राहुल गांधी ने अपनी रैली में कहा कि पुडुचेरी को स्थानीय लोगों की इच्छा के अनुसार चलना चाहिए, न कि केंद्र सरकार के आदेशों पर। उन्होंने वादा किया कि अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी, तो पुडुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा और स्थानीय चुनाव भी कराए जाएंगे।
स्टालिन का BJP पर हमला और मुख्यमंत्री रंगासामी पर निशाना-एम के स्टालिन ने BJP पर आरोप लगाया कि वह पुडुचेरी को राज्य का दर्जा नहीं देकर वहां परोक्ष रूप से शासन करना चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री N. Rangasamy पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्होंने बीजेपी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
गठबंधन की वापसी पर फिर दोहराया राज्य का वादा-स्टालिन ने भी साफ किया कि अगर गठबंधन सत्ता में लौटता है, तो पुडुचेरी को राज्य का दर्जा दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी। दोनों पार्टियां इस मुद्दे को चुनावी वादे के रूप में जोर-शोर से पेश कर रही हैं ताकि जनता का समर्थन हासिल किया जा सके।
पुडुचेरी चुनाव में कांग्रेस और DMK के बीच दिख रही दूरी और मतभेद के बावजूद दोनों पार्टियां राज्य के दर्जे के मुद्दे को लेकर एकजुट नजर आ रही हैं। हालांकि गठबंधन की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन चुनावी रणनीति में यह वादा जनता को जोड़ने का प्रयास है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये दोनों दल कितनी मजबूती से साथ चलते हैं।



