उमा भारती ने सड़क पर लगाया ठेला, खुद बेचा पोहा-जलेबी… गरीब दुकानदारों के समर्थन में अनोखा विरोध

उमा भारती का अनोखा विरोध: अतिक्रमण अभियान के खिलाफ खुद सड़क पर उतरीं, पोहा-जलेबी बेचकर जताया समर्थन
अतिक्रमण हटाओ अभियान से छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर बड़ा असर-मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया, जिसमें कई छोटे ठेले और दुकानें जेसीबी से हटाई गईं। इससे स्थानीय छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ और उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा। इस कार्रवाई ने इलाके में नाराजगी फैला दी।
उमा भारती ने खुद हाथ में लिया ठेला, सड़क पर बेचा पोहा-जलेबी-पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को जब इस कार्रवाई की खबर मिली, तो उन्होंने विरोध जताने का अनोखा तरीका अपनाया। वह खुद सड़क पर आकर ठेला लगाकर पोहा और जलेबी बेचने लगीं। यह कदम उन्होंने प्रशासन को संदेश देने के लिए उठाया कि वे छोटे दुकानदारों के साथ खड़ी हैं।
दुकानदारों को दिया भरोसा, ‘मैं आपके साथ हूं’-उमा भारती ने दुकानदारों से कहा कि वे फिर से अपने ठेले उसी जगह लगाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन से बात कर उनकी जगह वापस दिलाई जाएगी। उनका कहना था कि किसी की रोजी-रोटी छीनने नहीं दिया जाएगा और वे पूरी ताकत से उनके साथ खड़ी हैं।
प्रशासन से अपील: गरीबों की आजीविका को बचाएं-उमा भारती ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों की आजीविका को नुकसान न पहुंचाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता दिखाने और छोटे व्यापारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की, ताकि उनका जीवन प्रभावित न हो।
विरोध का यह तरीका बना चर्चा का विषय-उमा भारती का यह विरोध करने का तरीका खासा चर्चा में आ गया है। खुद सड़क पर उतरकर ठेला लगाना और सामान बेचना यह दिखाता है कि वे छोटे व्यापारियों के साथ पूरी तरह खड़ी हैं। यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बनी है।



