डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर करोड़ों की ठगी, रायगढ़ पुलिस ने पकड़ा बड़ा साइबर गैंग

डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी का बड़ा खुलासा: रायगढ़ पुलिस ने पकड़ा अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह-बढ़ती साइबर ठगी की घटनाओं के बीच रायगढ़ पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर लोगों को लाखों रुपये ठगता था। इस गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। गिरोह ने एक रिटायर्ड अधिकारी से अकेले ही करीब 37 लाख रुपये की ठगी की थी।
खुद को अधिकारी बताकर बनाते थे दबाव-जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को टेलीकॉम विभाग, आईपीएस या सीबीआई अधिकारी बताकर फोन करते थे। वे धमकी देते थे कि आपके खिलाफ गंभीर मामला दर्ज है और आपको तुरंत “डिजिटल अरेस्ट” किया जाएगा। इस डर से लोग घबरा जाते और उनकी बातों में आ जाते थे।
वीडियो कॉल और फर्जी कागजों से रचते थे साजिश-गिरोह के सदस्य वीडियो कॉल के जरिए माहौल बनाते और फर्जी दस्तावेज दिखाकर लोगों को यकीन दिलाते थे कि मामला गंभीर है। इस मानसिक दबाव में पीड़ितों से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता था।
तकनीकी जांच से पुलिस तक पहुंचा सुराग-रायगढ़ साइबर पुलिस ने कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और साइबर इंटेलिजेंस की मदद से इस केस को सुलझाया। आरोपियों के पास से मोबाइल, लैपटॉप और बैंक खातों की जानकारी मिली, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ और गिरोह का पता चला।
राजस्थान से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी-पुलिस ने राजस्थान के भीलवाड़ा में छापा मारकर सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और बैंक दस्तावेज बरामद हुए। फिलहाल सभी आरोपियों को रायगढ़ ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया है और पूछताछ जारी है।
बैंक कर्मचारी था मास्टरमाइंड-जांच में यह भी पता चला कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड एक बैंक कर्मचारी है। इसके अलावा गैंग में एक वेब डेवलपर और अन्य सदस्य भी शामिल थे, जिन्होंने मिलकर ठगी का पूरा सिस्टम बनाया और इसे कई राज्यों में फैलाया।
देशभर में करोड़ों की ठगी का खुलासा-पुलिस के अनुसार यह गिरोह देश के कई राज्यों में लगभग 1 करोड़ 40 लाख रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी कर चुका है। अब पुलिस पूरे नेटवर्क और जुड़े बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को पकड़ा जा सके।
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क-रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसे कॉल से सावधान रहें। किसी भी अंजान कॉल पर भरोसा न करें और डरने की बजाय पहले पूरी जानकारी जांच लें। धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें।



