पंजाब में AAP ने दिखाया दम: विश्वास प्रस्ताव पास, विपक्ष नदारद और सियासत गरम

पंजाब में AAP ने दिखाई ताकत: विश्वास प्रस्ताव पास, विपक्ष नदारद और सियासत गरम-पंजाब की राजनीति में शुक्रवार का दिन खास रहा जब मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार का विश्वास प्रस्ताव विधानसभा में सर्वसम्मति से पास हो गया। विपक्ष के ज्यादातर विधायक इस दौरान सदन में मौजूद नहीं थे। हाल ही में AAP को बड़ा झटका लगा था जब उसके कई राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हो गए थे। ऐसे माहौल में यह प्रस्ताव सरकार की मजबूती का सबूत माना जा रहा है।
विश्वास प्रस्ताव पर सरकार ने किया जोरदार प्रदर्शन-पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिसे बिना किसी विरोध के पास कर दिया गया। विपक्ष के कई सदस्य सदन में नहीं पहुंचे, जिससे यह प्रस्ताव आसानी से पारित हो गया। सीएम मान ने कहा कि अफवाहें फैलाने वाले गलत हैं, पार्टी पूरी मजबूती से काम कर रही है और आगे भी करेगी।
AAP की ताकत और विस्तार का दावा-सीएम भगवंत मान ने पार्टी की ताकत और विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि AAP अब केवल पंजाब तक सीमित नहीं, बल्कि देशभर में फैल रही है। जम्मू-कश्मीर से लेकर गोवा तक पार्टी सक्रिय है। पंजाब में सरकार सफल है और दिल्ली, गुजरात जैसे राज्यों में भी पार्टी मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि सभी नेता अरविंद केजरीवाल के साथ मजबूती से खड़े हैं।
विधानसभा का गणित और विपक्ष की अनुपस्थिति-पंजाब विधानसभा में कुल 117 सदस्य हैं, जिनमें AAP के 94 विधायक हैं जो स्पष्ट बहुमत देते हैं। कांग्रेस के 16, अकाली दल के 3, भाजपा के 2, बसपा का 1 और एक निर्दलीय विधायक है। विश्वास प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस ने वॉकआउट किया, भाजपा ने सत्र का बहिष्कार किया, जबकि अकाली दल और बसपा के विधायक भी मौजूद नहीं थे।
केंद्र सरकार पर वित्त मंत्री का हमला-वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए कर रही है। यह लोकतंत्र के खिलाफ है और राजनीतिक विरोधियों को डराने की कोशिश है। उन्होंने हालिया सांसदों के दल बदल को इसी दबाव का नतीजा बताया।
विधायकों ने जताई पार्टी के प्रति वफादारी-AAP के कई विधायकों ने पार्टी के प्रति अपनी वफादारी जताई। खरड़ से अनमोल गगन मान ने कहा कि वे आखिरी सांस तक पार्टी के साथ रहेंगे। निहाल सिंह वाला से मनजीत सिंह बिलासपुर ने भी कहा कि वे पार्टी के भरोसे को कभी नहीं तोड़ेंगे। नेताओं ने माना कि AAP ने उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया है।
सरकार के काम और विकास के दावे-मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि पिछले चार सालों में AAP सरकार ने जनता के लिए ऐसे काम किए हैं जो पहले 70 सालों में नहीं हुए। मुफ्त बिजली योजना और उद्योगों में निवेश को बड़ी उपलब्धि बताया। 2025-26 में पंजाब में 60,256 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा है।
राज्यसभा सांसदों के जाने से बढ़ी सियासत-हाल ही में AAP को बड़ा झटका लगा जब उसके 10 में से 7 राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हो गए। इनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और हरभजन सिंह जैसे बड़े नाम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। राज्यसभा अध्यक्ष ने उनके विलय को मंजूरी दी, जिससे AAP की ताकत कम हुई।



