“मैं गलत नहीं हो सकता”: राघव चड्ढा का बड़ा बयान, AAP छोड़ BJP जाने पर दिया खुला जवाब

राघव चड्ढा का बड़ा खुलासा: क्यों छोड़ी आम आदमी पार्टी, क्या है असली वजह?-राजनीति में जब कोई बड़ा बदलाव आता है तो सवाल भी उठते हैं। हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राघव चड्ढा ने अपने फैसले पर खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि यह कोई अचानक या जल्दबाजी में लिया गया कदम नहीं है, बल्कि सोच-समझकर लिया गया फैसला है। उनके साथ छह और सांसद भी हैं, जो इस बदलाव में शामिल हुए हैं।
AAP पर लगाए गंभीर आरोप, बताया ‘टॉक्सिक’ माहौल-राघव चड्ढा ने अपनी पुरानी पार्टी पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अब AAP का माहौल बहुत खराब हो चुका है, जिसे वे ‘टॉक्सिक वर्क एनवायरमेंट’ कहते हैं। जहां नेताओं को खुलकर काम करने और संसद में बोलने तक से रोका जाता है। उनका मानना है कि पार्टी अब कुछ ऐसे लोगों के नियंत्रण में है जो देश के बजाय अपने फायदे के लिए काम कर रहे हैं।
राजनीति में आने का सफर और बढ़ती नाराजगी-चड्ढा ने बताया कि उन्होंने एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट का करियर छोड़कर राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने पूरी मेहनत से AAP के लिए काम किया, लेकिन समय के साथ उन्हें लगा कि वे सही जगह पर नहीं हैं। उन्होंने पार्टी के लिए अपना पूरा समय दिया, लेकिन माहौल और हालात बदलते गए, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ी।
तीन विकल्पों में से चुना नया रास्ता-राघव चड्ढा के सामने तीन विकल्प थे—या तो राजनीति छोड़ दें, या पार्टी में रहकर सुधार की कोशिश करें, या फिर अपनी ऊर्जा और अनुभव को किसी नए मंच पर लगाएं। उन्होंने तीसरा विकल्प चुना और छह अन्य सांसदों के साथ मिलकर AAP छोड़ने का फैसला किया।
सात सांसदों का एक साथ बड़ा फैसला-राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल ने 24 अप्रैल को बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया। इनके साथ हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी ने भी AAP छोड़ दी। यह कदम AAP की राज्यसभा में स्थिति को काफी कमजोर कर गया है और राजनीतिक माहौल में बड़ा बदलाव लेकर आया है।



