18 और 19 जुलाई को सफर से पहले जरूर पढ़ें, छत्तीसगढ़ में 8 ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों के रूट में भी बदलाव

ऑटो सिग्नलिंग के काम के कारण रेल संचालन प्रभावित रहेगा-दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने रायपुर मंडल के भाटापारा और हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन पर ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़ा नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) तकनीकी काम शुरू किया है। इस काम के दौरान ट्रैक और सिग्नल सिस्टम को नई तकनीक से जोड़ा जाएगा, जिससे भविष्य में ट्रेनों का संचालन और सुरक्षित और बेहतर होगा। हालांकि, इस जरूरी काम के चलते 18 और 19 जुलाई को रेल सेवा प्रभावित रहेगी और यात्रियों को असुविधा हो सकती है। रेलवे ने कहा है कि काम पूरा होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही पहले से ज्यादा सुचारू होगी।
18 और 19 जुलाई को ये 8 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी-रेलवे ने बताया कि 19 जुलाई को रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर (68728), बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर (68734) और गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर (68733) पूरी तरह रद्द रहेंगी। वहीं 18 और 19 जुलाई दोनों दिन बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर (68719), कोरबा-रायपुर पैसेंजर (58203) और रायपुर-कोरबा पैसेंजर (58204) का संचालन नहीं होगा। इसके अलावा 18 जुलाई को रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर (68746) और 19 जुलाई को गेवरा रोड-रायपुर मेमू पैसेंजर (68745) भी रद्द कर दी गई हैं। यात्रियों से अपील है कि वे अपनी यात्रा से पहले रेलवे की वेबसाइट या हेल्पलाइन से जानकारी जरूर लें।
दो ट्रेनों का रूट बदला, बीच के कुछ स्टेशन से सफर रद्द-पूरी तरह रद्द ट्रेनों के अलावा दो मेमू ट्रेनों के रूट में भी बदलाव किया गया है। गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर अब गोंदिया से नहीं चलेगी, बल्कि बिलासपुर से झारसुगुड़ा के लिए रवाना होगी। इसका मतलब है कि गोंदिया से बिलासपुर के बीच इसका संचालन बंद रहेगा। इसी तरह 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर भी केवल बिलासपुर तक ही चलेगी और बिलासपुर से गोंदिया के बीच का सफर रद्द रहेगा। इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को खास सावधानी बरतनी होगी।
यात्रियों को पहले से योजना बनाने की सलाह-रेलवे ने यात्रियों से आग्रह किया है कि जो लोग 18 और 19 जुलाई को यात्रा करने वाले हैं, वे अपनी ट्रेन की स्थिति पहले से जांच लें। अगर आपकी ट्रेन रद्द हो गई है या रूट में बदलाव हुआ है, तो समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था कर लें। रेलवे ने कहा है कि तकनीकी काम पूरा होने तक यात्रियों का सहयोग जरूरी है ताकि भविष्य में ट्रेनों का संचालन सुरक्षित और समय पर हो सके। इसलिए किसी भी असुविधा से बचने के लिए रेलवे की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं।



