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आजादी से पहले और बाद की भारत यात्रा में RSS की भूमिका पर अमित शाह का बड़ा बयान

अमित शाह ने RSS के योगदान को बताया ऐतिहासिक, कहा देश के हर क्षेत्र में है इसका असर-रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका पर खुलकर बात की। वे ‘ऑर्गेनाइज़र वीकली’ के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां ‘छत्तीसगढ़@25 – शिफ्टिंग द लेंस’ नाम की किताब पर चर्चा हो रही थी। इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि भारत की आजादी से पहले और बाद के दौर में RSS का योगदान इतना बड़ा रहा है कि इसे कोई इतिहासकार नजरअंदाज नहीं कर सकता।

देश के हर क्षेत्र में RSS का योगदान है नजर आने वाला-अमित शाह ने अपने संबोधन में बताया कि राष्ट्रीय और सामाजिक जीवन का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां RSS के स्वयंसेवकों ने काम न किया हो। चाहे शिक्षा हो, समाज सेवा हो, आपदा के समय मदद हो या देशहित से जुड़ी कोई पहल—हर जगह संघ के कार्यकर्ताओं की भागीदारी साफ दिखती है। शाह ने कहा कि देश के विकास की कहानी में संघ के स्वयंसेवकों की भूमिका हर स्तर पर देखी जा सकती है।

संस्थाओं की तुलना में RSS का योगदान सबसे महत्वपूर्ण-अमित शाह ने यह भी कहा कि देश के हर नागरिक का योगदान अहम होता है, लेकिन जब बात संस्थाओं की आती है तो RSS का नाम सबसे ऊपर आता है। उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि आजादी के बाद के भारत में सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में संघ के स्वयंसेवकों का योगदान सबसे प्रमुख रहा है। शाह ने जोर देकर कहा कि इस बात पर किसी को भी संदेह नहीं होना चाहिए।

RSS की सक्रियता और देशभर में प्रभाव-शाह ने यह भी बताया कि RSS एक संगठन के रूप में लगातार सक्रिय रहा है और उसके स्वयंसेवकों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई है। उनका मानना है कि संघ का प्रभाव देश के हर कोने में देखा जा सकता है, जो इसकी ताकत और स्थिरता का परिचायक है।

अमित शाह के इस बयान ने RSS के योगदान को फिर से एक नई पहचान दी है। उन्होंने साफ कहा कि देश की आजादी और विकास में RSS की भूमिका को नकारना मुमकिन नहीं है। यह संगठन न केवल सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन में बल्कि देश के हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ चुका है।

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