बरगी डैम नाव हादसा: तेज आंधी बनी काल, मौतों का आंकड़ा बढ़ा, कई अब भी लापता

बरगी डैम नाव हादसा: तेज आंधी बनी मौतों की वजह, कई अभी भी लापता-मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर नाव हादसे ने सबको हिला कर रख दिया है। अचानक आई तेज आंधी ने सैर को मौत में बदल दिया। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है और कई लोग अभी भी लापता हैं।
मौतों का आंकड़ा बढ़ा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी-हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को पांच और शव बरामद किए गए, जबकि पहले चार मिले थे। अभी भी छह लोग लापता हैं। 28 लोग सुरक्षित निकाले जा चुके हैं, लेकिन खोज अभियान जारी है ताकि सभी को बचाया जा सके।
सेना, NDRF और SDRF की संयुक्त कार्रवाई-सेना, NDRF और SDRF की टीमें मिलकर बचाव कार्य कर रही हैं। ये टीमें नाव के मलबे में भी खोज कर रही हैं ताकि कोई भी लापता व्यक्ति मिल सके। हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द सभी को सुरक्षित निकाला जाए।
अचानक आए तूफान ने पलटी नाव-गुरुवार शाम नर्मदा नदी पर बरगी डैम में क्रूज बोट अचानक तेज तूफान की चपेट में आ गई। तेज हवाओं ने पानी में उथल-पुथल बढ़ा दी और नाव का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते नाव पलट गई और सवार लोग पानी में गिर गए।
कम दृश्यता बनी बड़ी चुनौती-जबलपुर के डीआईजी अतुल सिंह के अनुसार, कुछ लोग अभी भी नाव के अंदर हो सकते हैं। पानी के अंदर कम दृश्यता के कारण स्थिति का सही अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन में सावधानी बरती जा रही है।
कई विभाग मिलकर कर रहे मदद-रेस्क्यू में सुरक्षा बल के साथ जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग और पास के प्लांट की एजेंसी भी मदद कर रही है। तकनीकी सहायता और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि बचाव कार्य तेजी से हो सके।
स्थानीय लोगों ने निभाई अहम भूमिका-
हादसे के बाद आसपास के स्थानीय लोगों ने भी मदद की। निर्माण एजेंसी के कर्मचारी सबसे पहले पहुंचे और कई लोगों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। रस्सियों और लाइफ जैकेट की मदद से कई जानें बचाई गईं।
जांच के आदेश, लाइफ जैकेट पर सवाल-मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि पूरी घटना की गहराई से जांच होगी। एक बचे हुए यात्री ने लाइफ जैकेट को लेकर सवाल उठाए हैं, जिस पर भी जांच की जाएगी कि सुरक्षा नियमों का पालन हुआ या नहीं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई डरावनी कहानी-प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक तेज हवाएं आईं और पानी उफान पर आ गया। नाव में सवार लोगों ने चालक से किनारे लौटने को कहा, लेकिन शोर-शराबे में उनकी आवाज नहीं पहुंची। कुछ ही देर में नाव पलट गई और लोग पानी में गिर गए।
नाव को बाद में निकाला जाएगा-अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि नाव के अंदर कोई नहीं बचा है, तब तक उसे बाहर नहीं निकाला जाएगा। पहले हर व्यक्ति की तलाश पूरी की जाएगी, उसके बाद ही नाव को पानी से बाहर निकाला जाएगा।



