20.47 करोड़ के शिक्षा घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, इंदौर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल, जांच तेज

मध्य प्रदेश में 20.47 करोड़ रुपये के शिक्षा घोटाले ने नया मोड़ ले लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में 9 जुलाई 2026 को इंदौर की विशेष पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला सरकारी धन के गबन, फर्जी बिलों के जरिए भुगतान और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। जांच में पता चला है कि आरोपी सरकारी रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल कर रहे थे। अब अदालत ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
2018 से 2023 के बीच दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई ED की जांच-ED ने इस घोटाले की जांच उन एफआईआर के आधार पर शुरू की जो 2018 से 2023 के बीच दर्ज हुई थीं। जांच में मुख्य आरोपी कमल राठौर समेत कई अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर फर्जी बिल बनाए और उनके आधार पर सरकारी धन का भुगतान कराया। ED के अनुसार यह पूरी साजिश सरकारी खजाने से पैसे निकालने की थी। अब एजेंसी इस मामले से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन और अन्य लोगों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
फर्जी बिलों के जरिए सरकारी रकम निकालकर बैंक खातों में ट्रांसफर-जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कमल राठौर और उसके साथियों ने आलीराजपुर कोषागार से फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन निकाला। फिर इस राशि को कई बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया, जिनका संचालन आरोपी और उनके परिवार के सदस्य करते थे। इसके बाद बड़ी मात्रा में नकद निकासी भी हुई। ED का मानना है कि इस प्रक्रिया का मकसद सरकारी धन के स्रोत को छिपाना और उसे वैध दिखाना था।
सरकारी पैसे से खरीदी गई कृषि भूमि, करोड़ों की संपत्ति जब्त-ED के मुताबिक, बैंक खातों से निकाली गई रकम का इस्तेमाल धार जिले के गंधवानी क्षेत्र में कृषि भूमि खरीदने में किया गया। इससे पहले भी एजेंसी ने इस मामले में करीब 4.43 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। इसके अलावा 56 आवासीय भूखंड भी कुर्क किए गए हैं, जिनकी कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। ED का कहना है कि ये सभी संपत्तियां कथित अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई थीं, इसलिए इन्हें मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत जब्त किया गया।
विशेष अदालत ने लिया संज्ञान, आरोपियों को जारी किए नोटिस- ED की ओर से दायर पूरक अभियोजन शिकायत पर विशेष पीएमएलए अदालत ने संज्ञान लिया है। अदालत ने आरोपियों को नोटिस जारी कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल जांच एजेंसी अन्य लोगों की भूमिका, धन के लेन-देन और संपत्तियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं। ED ने कहा है कि जांच अभी जारी है और नए सबूत मिलने पर कार्रवाई तेज की जाएगी।



