गांजा तस्करी पर बड़ा एक्शन: आरोपी दंपती की करीब 35 लाख की संपत्ति फ्रीज, कोर्ट का सख्त फैसला

गांजा तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई: 35 लाख की संपत्ति फ्रीज-रायपुर से बड़ी खबर आई है जहां गांजा तस्करी के मामले में एक दंपती की करीब 35 लाख रुपये की संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश मिला है। SAFEMA/NDPS कोर्ट ने यह कदम अवैध कमाई को रोकने के लिए उठाया है।
पहले से दर्ज हैं कई मामले, आरोपी पुलिस रडार पर-जांजगीर के जर्वे गांव के महेंद्र साहू पर पहले से ही चार NDPS एक्ट के मामले दर्ज हैं। लंबे समय से वह पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर में था, जिसके कारण इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
2019 में सुनाई गई थी सजा-महेंद्र साहू को 2019 में गांजा तस्करी के मामले में 10 साल की सश्रम कारावास की सजा मिली थी। इसके बावजूद उसकी अवैध कमाई की जांच जारी रही, जो अब बड़ी कार्रवाई में बदली है।
मुंबई कोर्ट ने दिया ताजा आदेश-30 दिसंबर 2025 को मुंबई की SAFEMA/NDPS कोर्ट ने माना कि महेंद्र और उसकी पत्नी चित्रलेखा ने अवैध तस्करी से संपत्ति बनाई है। इसी आधार पर 35 लाख की संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश दिया गया।
NDPS एक्ट की धारा 68(C) का उल्लंघन-कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी दंपती की संपत्तियां NDPS अधिनियम 1985 की धारा 68(C) के तहत अवैध कमाई से अर्जित हुई हैं। इस धारा के तहत ऐसी संपत्तियों को जब्त या फ्रीज किया जा सकता है।
चल-अचल संपत्तियों पर लगी रोक-फ्रीज की गई संपत्तियों में नकद, निवेश, जमीन और मकान जैसी चल-अचल दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं। इसका मकसद आरोपी को इन संपत्तियों का इस्तेमाल या लेन-देन करने से रोकना है।
अवैध कमाई पर कड़ा शिकंजा-यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार पर बड़ा झटका मानी जा रही है। एजेंसियां कहती हैं कि सिर्फ गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा, तस्करी से बनी संपत्तियों को जब्त करना भी जरूरी है।
जांच अभी भी जारी है-सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी दंपती का किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से संबंध तो नहीं है। आगे और खुलासे हो सकते हैं।



