मुख्यमंत्री का आरोप: कांग्रेस MLA के खिलाफ शिकायतें बताती हैं गंभीर चरित्र दोष

केरल में विवाद: राहुल ममकूटथिल केस और राजनीतिक तूफान- केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटथिल के बीच चल रहे विवाद ने राज्य की राजनीति में नई हलचल मचा दी है। रेप के गंभीर आरोपों के बीच दोनों पक्षों के बयान और आरोप-प्रत्यारोप ने इस मामले को और जटिल बना दिया है। आइए इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का कड़ा आरोप: कांग्रेस विधायक पर ‘सेक्सुअल पेरवर्ट’ का टैग- केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटथिल को बेहद कठोर शब्दों में ‘सेक्सुअल पेरवर्ट’ कहा है। उनका कहना है कि जिस आधार पर आरोप लगे हैं, वे साफ दिखाते हैं कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर राहुल का व्यवहार पूरी तरह अनुचित था। विजयन ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी को राहुल के बारे में सब कुछ पता था, फिर भी पार्टी ने उन्हें संरक्षण और बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह नीति उसकी राजनीतिक विरासत को नुकसान पहुंचा रही है। साथ ही, उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने अपने उन विधायकों पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिन पर पहले भी ऐसे आरोप लगे थे।
कांग्रेस का जवाब: सरकार गिरफ्तारी टाल रही, सबरीमाला गोल्ड चोरी मामले को दबाने की कोशिश- विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने सरकार पर कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि राहुल ममकूटथिल की गिरफ्तारी जानबूझकर टाली जा रही है। उनका आरोप है कि पुलिस के पास उन्हें पकड़ने के लिए पर्याप्त सबूत हैं, लेकिन CPI(M) सरकार राजनीतिक दबाव में आकर कार्रवाई नहीं कर रही। सतीशन ने यह भी कहा कि सरकार का असली मकसद सबरीमाला गोल्ड चोरी मामले से जनता का ध्यान हटाना है, जिसमें CPI(M) के कई नेता फंसे हुए हैं। उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार जनता के बढ़ते असंतोष को दबाने के लिए इस मुद्दे को भटकाना चाहती है।
फरार विधायक की हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका: मामला सियासी रंग ले चुका- राहुल ममकूटथिल पिछले नौ दिनों से फरार हैं और उन पर दो अलग-अलग रेप केस दर्ज हैं। आरोप हैं कि कई कांग्रेस नेता उन्हें कर्नाटक में छिपाने में मदद कर रहे हैं। हाल ही में तिरुवनंतपुरम की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन इसके एक दिन बाद ही उन्होंने केरल हाई कोर्ट में नई अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। याचिका में राहुल ने कहा है कि उनके और शिकायतकर्ता के बीच संबंध सहमति से थे और उन्होंने कभी गर्भपात के लिए दबाव नहीं डाला। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के पीछे राजनीतिक दबाव था और मामला अब सियासी हो चुका है। इस पूरे मामले ने केरल की राजनीति में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। जहां मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं विपक्ष ने सरकार की कार्यवाही पर सवाल उठाए हैं। फरार विधायक की जमानत याचिका और राजनीतिक बयानबाजी इस मामले को और भी जटिल बना रही है। आने वाले दिनों में इस विवाद का राजनीतिक और कानूनी दोनों ही स्तरों पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।



