Google Analytics Meta Pixel
Madhya Pradesh
Trending

ग्वालियर में किसानों को सीएम मोहन यादव का बड़ा संदेश: प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादन पर खास जोर

ग्वालियर पहुंचे सीएम मोहन यादव, किसानों को दी नई योजनाओं की सौगात-मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में किसानों के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की और उन्हें आधुनिक खेती अपनाने की सलाह दी। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कृषि कार्यशाला में उन्होंने प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, पशुपालन और नई तकनीकों की अहमियत पर विस्तार से बात की। इस दौरान सफल किसानों को सम्मानित किया गया और कई नई परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने किसानों से सीधे संवाद कर खेती को लाभदायक बनाने के उपाय बताए। कार्यक्रम में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।

वृक्षारोपण से शुरू हुआ दौरा, कई नई परियोजनाओं का शुभारंभ-ग्वालियर पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने समन्वित कृषि प्रणाली और बहु-स्तरीय कृषि पद्धति इकाई का उद्घाटन किया। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह समेत कई नेता मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने हाईटेक नर्सरी और फ्लोरीकल्चर गार्डन का भूमि पूजन भी किया, जिसे आधुनिक कृषि के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है।

49 करोड़ की परियोजना, पहले चरण के लिए 13 करोड़ की मंजूरी-मुख्यमंत्री ने बताया कि हाईटेक नर्सरी और फ्लोरीकल्चर गार्डन परियोजना लगभग 49 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी। सरकार ने पहले चरण के लिए 13 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा उद्यानिकी विभाग की पीएमएफएमई योजना के तहत कई किसानों को लाभ भी दिया गया। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित करते हुए कहा कि वे दूसरों के लिए प्रेरणा हैं। सरकार कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।

प्राकृतिक खेती और पशुपालन अपनाने की अपील-डॉ. मोहन यादव ने किसानों से कहा कि आने वाला समय प्राकृतिक और जैविक खेती का है। उन्होंने रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने और टिकाऊ कृषि अपनाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि केवल फसल उत्पादन पर निर्भर रहने के बजाय पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी आय का हिस्सा बनाना चाहिए। उनका मानना है कि खेती और डेयरी का संतुलित मॉडल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकता है। सरकार इस दिशा में हर संभव मदद करेगी।

इंदौर की बड़ी गौशाला का उदाहरण दिया-मुख्यमंत्री ने इंदौर में 10 हजार गौवंश क्षमता वाली गौशाला का जिक्र किया और कहा कि राज्य सरकार पशुपालन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि यदि किसान खेती के साथ डेयरी और पशुपालन जोड़ें तो उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। यह मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बहुत उपयोगी है। सरकार आधुनिक डेयरी और पशुपालन सुविधाओं को मजबूत कर रही है ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके।

फसलों के दाम और आधुनिक तकनीक पर भी दिया जोर-मोहन यादव ने कृषि उपज के दामों को लेकर कहा कि सरकार किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने गेहूं समेत अन्य फसलों के समर्थन मूल्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक, बहु-स्तरीय खेती और वैज्ञानिक तरीकों से खेती को ज्यादा लाभदायक बनाया जा सकता है। किसानों से नई तकनीक अपनाने और समय के साथ खुद को बदलने की भी अपील की।

कृषि और किसान कल्याण पर केंद्रित रहा दौरा-मुख्यमंत्री का ग्वालियर दौरा पूरी तरह कृषि विकास और किसान कल्याण पर केंद्रित था। नई परियोजनाओं का शुभारंभ, किसानों का सम्मान, लाभ वितरण और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के कार्यक्रम हुए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ कृषि के लिए लगातार काम कर रही है। किसानों से अपील की कि वे आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, पशुपालन और उद्यानिकी अपनाएं, सरकार हर कदम पर उनके साथ है।

 

 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button