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Madhya Pradesh
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“नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” के लिए पुलिस मुख्यालय में अंतर-विभागीय समन्वय बैठक आयोजित

भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 15 से 30 जुलाई तक संचालित किए जाने वाले राज्यव्यापीजनजागरूकता अभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” को व्यापक एवं प्रभावी स्वरूप देने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशकश्री कैलाश मकवाणाकी अध्यक्षता में उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक सामुदायिक पुलिसिंगश्री डी.पी. गुप्ता, अतिरिक्‍तपुलिस महानिदेशक नारकोटिक्सश्री डी. श्रीनिवास वर्मा,खेल एवं युवा कल्याण विभागके संचालक(अतिरिक्‍तपुलिस महानिदेशक)श्री अंशुमान यादवपुलिस उप महानिरीक्षक (सामुदायिक पुलिसिंग)श्री विनीत कपूर, पुलिस उप महानिरीक्षक (नारकोटिक्स)श्री कुमार प्रतीक, स्‍टाफआ‍फीसरटू डीजीपी श्री मलय जैनसहित अन्‍यवरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की।

बैठक मेंसामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभागकी प्रमुख सचिवश्रीमती सोनाली पोंक्षेवायंगणकर, राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस टास्क फोर्सकी सदस्य सचिवडॉ. उषा के. नायर, तकनीकी शिक्षा विभागके आयुक्तश्री अवधेश शर्मा, श्रम विभागके सहायक सचिवश्री शिवेंद्र गर्जन, स्वास्थ्य विभागके वरिष्ठ संयुक्त संचालकडॉ. नितिन पटेल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशनके उप संचालकडॉ. राहुल सिंह भदौरियासहित सामाजिक न्याय, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, खेल एवं युवा कल्याण, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनसंपर्क तथा श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशकश्री कैलाश मकवाणाने कहा कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” केवल पुलिस विभाग का अभियान नहीं, बल्कि समाज को नशामुक्त बनाने का व्यापक जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 में रायपुर में आयोजित डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन में माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा नारकोटिक्स के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई, जनजागरूकता, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा नशा छोड़ चुके लोगों की प्रेरक कहानियों को समाज तक पहुँचाने पर विशेष बल दिया गया था। उसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश पुलिस इस वर्ष अभियान को और अधिक व्यापक स्वरूप में संचालित करेगी।

उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को रवीन्द्र भवन, भोपाल में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। अभियान के दौरान प्रदेशभर के स्कूलों, महाविद्यालयों, छात्रावासों, खेल संस्थानों, ग्राम पंचायतों, नगरीय क्षेत्रों, औद्योगिक इकाइयों तथा सार्वजनिक स्थलों पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष संचालित अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना मिली थी तथा इस वर्ष सभी विभागों की सहभागिता से इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स)श्री डी. श्रीनिवास वर्माने अभियान की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्षWhole-of-Government Approachके अंतर्गत विभिन्न विभागों को एक साझा मंच पर जोड़कर अभियान संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 दिवसीय अभियान के लिए दिवसवार गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत नशा विरोधी शपथ, रैलियाँ, मानव श्रृंखला, नुक्कड़ नाटक, लघु फिल्मों का प्रदर्शन, चित्रकला, पोस्टर, निबंध एवं स्लोगन प्रतियोगिताएँ, छात्रावासों एवं मलिन बस्तियों में जागरूकता कार्यक्रम, खेल गतिविधियाँ तथा सोशल मीडिया आधारित जनसंदेश संचालित किए जाएंगे। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में विभिन्न विभागों ने अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी-अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभागने भारत सरकार की राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPDDR) के अंतर्गत प्रशिक्षित लगभग 12 हजार स्वयंसेवकों एवं 500 से अधिक मास्टर ट्रेनर्स को अभियान से जोड़ने, छात्रावासों एवं युवाओं के बीच विशेष जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने तथा सभी गतिविधियों को “नशा मुक्त भारत अभियान”पोर्टल एवं मोबाइल एप पर अपलोड करने का सुझाव दिया। विभाग ने आर्ट ऑफ लिविंग, प्रजापिताब्रह्माकुमारी एवं गायत्री परिवार जैसे सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों को भी अभियान से जोड़ने की जानकारी दी।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभागने अपने व्यापक मैदानी नेटवर्क, आशा एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों तथा नशा मुक्ति क्लीनिकों के माध्यम से ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान चलाने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। विभाग ने नशा छोड़ चुके व्यक्तियों के प्रेरक अनुभवों को समाज तक पहुँचाने पर भी बल दिया।

तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभागने इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलीटेक्निक संस्थानों, आईटीआई, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ड्रग-फ्री कैंपस अभियान, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, पीयर प्रेशर से बचाव, शॉर्ट फिल्म प्रदर्शन, व्याख्यान, नुक्कड़ नाटक तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों को जोड़ने की कार्ययोजना साझा की।

खेल एवं युवा कल्याण विभागने खेल अकादमियों, प्रशिक्षण केन्द्रों एवं जिला स्तरीय खेल आयोजनों के माध्यम से खिलाड़ियों एवं युवाओं तक नशामुक्ति का संदेश पहुँचाने तथा प्रदेश के प्रतिष्ठित खिलाड़ियों के प्रेरक संदेशों के व्यापक प्रचार-प्रसार का आश्वासन दिया।

श्रम विभागने औद्योगिक प्रतिष्ठानों, श्रमिक संगठनों, ग्राम सभाओं एवं युवा संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रमिकों को अभियान से जोड़ने की कार्ययोजना प्रस्तुत की, जबकिपंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागने ग्राम सभाओं, महिला स्व-सहायता समूहों तथा पंचायत स्तर की बैठकों के माध्यम से अभियान को प्रत्येक गाँव तक पहुँचाने की रणनीति साझा की।

उप पुलिस महानिरीक्षक (सामुदायिक पुलिसिंग)श्री विनीत कपूरने बताया कि ग्राम रक्षा समितियों, नगर सुरक्षा समितियों एवं सामुदायिक पुलिसिंग नेटवर्क की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान को वास्तविक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने के उद्देश्य से प्रारंभ किए जा रहे सोशल सिक्योरिटी क्रेडिट कार्यक्रम को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी विभाग निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप प्रतिदिन गतिविधियों का संचालन करेंगे तथा उनकी नियमित प्रगति रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास, व्यापक जनभागीदारी, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, खेल जगत, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं तथा मीडिया/सोशल मीडिया के सहयोग से “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान को प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा, जिससे युवाओं एवं समाज के प्रत्येक वर्ग तक नशामुक्ति का संदेश प्रभावी रूप से पहुँच सके।

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