सुपरस्टार से सियासत तक: क्या थलपति विजय बनेंगे तमिलनाडु के नए नेता?

सुपरस्टार से सियासत तक: क्या थलपति विजय बनेंगे तमिलनाडु के नए नेता?-तमिल सिनेमा के मेगास्टार थलपति विजय अब सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने राजनीति में कदम रखकर तमिलनाडु की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम के जरिए विजय ने राजनीतिक सफर शुरू किया है, जो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।
फिल्मी संघर्ष से सुपरस्टार बनने तक का सफर-थलपति विजय का फिल्मी सफर आसान नहीं था। उन्होंने अपनी शुरुआत फिल्म Naalaiya Theerpu से की, जो ज्यादा सफल नहीं रही। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत से अपनी पहचान बनाई। संघर्ष के इस दौर ने उन्हें और मजबूत बनाया और आज वे तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं।
हिट फिल्मों से बना जबरदस्त फैनबेस-विजय की फिल्मों जैसे Ghilli, Thuppakki और Mersal ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया। उनकी लगातार सफल फिल्मों ने हर उम्र के लोगों में एक बड़ा और वफादार फैनबेस तैयार किया। यही फैनबेस अब उनके राजनीतिक सफर में भी उनकी ताकत बन रहा है और जनता में उनकी लोकप्रियता को बढ़ा रहा है।
‘घिल्ली’ ने तोड़ा रिकॉर्ड, बदला खेल-2004 में आई फिल्म Ghilli ने बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रचा। यह पहली तमिल फिल्म बनी जिसने 500 मिलियन से ज्यादा की कमाई की और पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। इसके बाद विजय ने Master और Leo जैसी फिल्मों से अपने स्टारडम को और मजबूत किया, जिससे उनकी लोकप्रियता और बढ़ी।
फिल्मों में दिखने लगे राजनीतिक संदेश-समय के साथ विजय की फिल्मों में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे भी नजर आने लगे। फिल्म Thalaivaa की टैगलाइन “Time to Lead” ने उनके भविष्य की झलक दी थी। इसके बाद Kaththi, Sarkar और Master जैसी फिल्मों में भी राजनीतिक और सामाजिक संदेश साफ दिखे, जो उनकी सोच को दर्शाते हैं।
2024 में राजनीति में कदम, नई शुरुआत-फरवरी 2024 में विजय ने फिल्मों से दूरी बनाकर राजनीति में सक्रिय होने का फैसला किया। उन्होंने Tamilaga Vettri Kazhagam की स्थापना की, जिसका मकसद तमिलनाडु की राजनीति में नया विकल्प देना है। यह कदम उनके करियर का सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है और राजनीति में उनकी नई पहचान बन रही है।
रिकॉर्ड वोटिंग ने बढ़ाई उम्मीदें-23 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु में हुए चुनाव में 85.1 फीसदी मतदान दर्ज हुआ, जो बहुत बड़ा आंकड़ा है। शुरुआती रुझानों के मुताबिक विजय की पार्टी TVK 97 सीटों पर आगे चल रही है। यह संकेत है कि जनता इस बार बदलाव चाहती है और नए चेहरे को मौका देने को तैयार है।
क्या जनता थलपति विजय पर करेगी भरोसा?-अब सबकी नजर 4 मई 2026 के नतीजों पर टिकी है। क्या लोग पारंपरिक राजनीति से हटकर थलपति विजय को मौका देंगे? यह बड़ा सवाल है। लेकिन इतना तय है कि उनकी एंट्री ने तमिलनाडु की राजनीति को पहले से ज्यादा दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।



