बंगाल में रिजल्ट डे पर सख्ती: जीत के जुलूस पर रोक, एजेंट्स की पहुंच पर भी नजर

बंगाल में रिजल्ट डे पर कड़ी सख्ती: जीत के जुलूस पर रोक, एजेंट्स की पहुंच पर भी कड़ी नजर-पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के दिन प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस बार जीत के बाद किसी भी तरह के जश्न या रैली की अनुमति नहीं दी जाएगी। चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
जीत के जश्न पर पूरी तरह रोक-चुनाव परिणाम आने के बाद आमतौर पर पार्टियों के समर्थक सड़कों पर जश्न मनाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उम्मीदवार की जीत के बाद कोई रैली या जुलूस नहीं निकाला जाएगा। यह फैसला शांति बनाए रखने के लिए लिया गया है।
चुनाव आयोग का सख्त संदेश-मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह नियम पूरे राज्य में लागू रहेगा। उन्होंने बताया कि नतीजों के दिन भीड़ या जश्न से हालात बिगड़ सकते हैं, इसलिए पहले से ही सख्ती जरूरी है।
एजेंट्स की पहुंच को लेकर शिकायतें-चुनाव आयोग के पास कुछ शिकायतें आई हैं कि विभिन्न पार्टियों के एजेंट्स काउंटिंग सेंटर तक पहुंच नहीं पा रहे हैं। इस मुद्दे को गंभीरता से लिया गया है और अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि जल्द ही इसका समाधान कर दिया जाएगा।
प्रशासन की नजर हर गतिविधि पर-रिजल्ट डे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि कहीं भी तनाव की स्थिति न बने। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि पूरे राज्य में शांति बनी रहे।



