ट्रंप के 50% टैरिफ से हिला भारतीय निर्यात बाजार, अमेरिकी कंपनियों ने रोके ऑर्डर

अमेरिकी बाज़ार में भारतीय कपड़ों की कहानी: एक नया मोड़-यह खबर कपड़ा उद्योग में हलचल मचा रही है! अमेरिका के बड़े-बड़े रिटेलर्स जैसे वॉलमार्ट, अमेज़न और टारगेट ने भारत से आने वाले कपड़ों के ऑर्डर रोक दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?-दरअसल, राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारतीय कपड़ों पर 50% तक का भारी शुल्क लगा दिया है। इससे भारतीय कपड़ों की कीमतें इतनी बढ़ जाएंगी कि अमेरिकी कंपनियों को ये महंगे पड़ने लगेंगे। इसलिए, वो अब भारत से ऑर्डर करना कम कर रहे हैं या पूरी तरह से रोक रहे हैं। ये अतिरिक्त लागत का बोझ भारतीय निर्यातकों पर डालने जैसा है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो सकता है।
कितना बड़ा है नुकसान?-अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि इस फैसले से भारत को 4-5 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है! कई बड़ी भारतीय कपड़ा कंपनियों का 40-70% कारोबार अमेरिका से ही होता है। अगर ऑर्डर कम हुए तो इन कंपनियों पर सीधा असर पड़ेगा, और हज़ारों लोगों की नौकरियाँ खतरे में पड़ सकती हैं। बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों से कम शुल्क लगने के कारण अब भारत को इन देशों से भी कड़ी टक्कर मिल रही है।
दक्षिण भारत पर सबसे ज़्यादा असर-तिरुपुर जैसे दक्षिण भारत के शहर, जहाँ हज़ारों कपड़ा मिलें हैं, इस फैसले से सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे। यहाँ कई छोटे-बड़े कारखाने सिर्फ़ अमेरिकी बाज़ार पर ही निर्भर हैं। ऑर्डर रुकने से इन कारखानों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।
आगे क्या?-अमेरिका ने भारतीय कपड़ों पर इतना ज़्यादा शुल्क क्यों लगाया, यह एक बड़ा सवाल है। लेकिन इतना तो साफ़ है कि इससे भारतीय कपड़ा उद्योग को बहुत बड़ा झटका लगा है। अब देखना होगा कि भारत सरकार इस स्थिति से कैसे निपटती है और भारतीय निर्यातक अपनी जगह कैसे बनाए रखते हैं। यह मुश्किल दौर है, लेकिन उम्मीद है कि भारतीय उद्योग इस चुनौती का सामना कर पाएगा।



