आरजी कर अस्पताल डॉक्टर की मां-पिता पर लाठीचार्ज का आरोप, हालत गंभीर – जानें पूरी कहानी

लाठीचार्ज की पीड़ा: डॉक्टर के माता-पिता की आपबीती-दिल दहला देने वाली घटना: शनिवार को हुए पुलिस लाठीचार्ज में एक डॉक्टर के माता-पिता बुरी तरह घायल हो गए। मां के माथे, हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें हैं, और उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। पिता की हालत थोड़ी बेहतर है, लेकिन दोनों की चिंताजनक स्थिति है।
विपक्ष का आरोप: पुलिस की बर्बरता-पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता, सुवेंदु अधिकारी ने अस्पताल में जाकर घायल जोड़े से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस पर बुजुर्गों के साथ बर्बरता करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पुलिस ने बिना किसी वजह बुज़ुर्गों पर लाठी चार्ज किया, जो बेहद निंदनीय है। इस घटना ने पूरे राज्य में रोष फैला दिया है।
मां का दर्दनाक बयान: न्याय की आस-घायल मां ने बताया कि वे अपनी बेटी के लिए न्याय मांगने के लिए प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। उन्होंने बताया कि कैसे महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें जमीन पर गिराकर मारा और उनकी चूड़ी तक तोड़ दी। उनका कहना है कि उनका इरादा सिर्फ मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बेटी के लिए न्याय मांगना था। वे न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रखने की बात कह रही हैं।
पुलिस का दावा: आरोपों से इंकार-डीसी (पोर्ट) हरिकृष्ण पाई ने मीडिया को बताया कि पुलिस को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि डॉक्टर के माता-पिता पर कोई हमला हुआ है। उन्होंने आरोपों की जांच करने की बात कही है। लेकिन, घायल माता-पिता के बयान और विपक्षी नेता के आरोपों ने पुलिस के दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिता का आरोप: पुलिस का पीछा और रोकना-पीड़िता के पिता ने भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें रैली में शामिल होने से रोकने की कोशिश की। उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी गाड़ी की तस्वीरें खींचकर उन्हें रोका। यह घटना पूरे मामले को और भी गंभीर बनाती है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाती है।



