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Madhya Pradesh

मधुमेह सहित अन्य एनसीडी की शीघ्र पहचान, जागरूकता और बेहतर प्रबंधन के लिए एनएचएम और सनोफी इंडिया के बीच हुआ एमओयू

भोपाल : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश ने राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सनोफी इंडिया लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य मधुमेह जैसे गैर-संचारी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनकी शीघ्र पहचान और उपचार को प्रोत्साहित करना और दुर्लभ रोगों से पीड़ित मरीजों को बेहतर सहयोग प्रदान करना है। एमओयू पर मिशन डायरेक्टर, एनएचएम मध्यप्रदेश डॉ. सलोनी सिडाना और मैनेजिंग डायरेक्टर, सनोफी इंडिया लिमिटेड श्री दीपक अरोड़ा द्वारा हक्षर किए गए। इस दौरान अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री अशोक बर्णवाल, आयुक्त श्री धनराजू एस सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

एमडी, एनएचएम डॉ. सिडाना ने कहा कि यह पहल विशेष रूप से दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करेगी। उन्होंने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से लोगों को उनके क्षेत्र में ही निःशुल्क जांच, उपचार और डॉक्टरों से टेली-परामर्श की सुविधा मिलेगी। साथ ही मधुमेह एवं अन्य गैर-संचारी रोगों के लिए जागरूकता, प्रारंभिक जोखिम पहचान और रेफरल सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुर्लभ रोगों के लिए शीघ्र पहचान, निःशुल्क जांच और बेहतर उपचार व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे मरीजों को समय पर उचित देखभाल मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल स्तर पर बच्चों को स्वास्थ्य, पोषण और जीवनशैली से संबंधित सही जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे स्वयं स्वस्थ आदतें अपनाने के साथ अपने परिवार और समुदाय में भी जागरूकता फैला सकें। मैनेजिंग डायरेक्टर, सनोफी इंडिया श्री अरोड़ा ने भारत में बढ़ते एनसीडी के दृष्टिगत शीघ्र पहचान की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सनोफी स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त बनाने और मरीजों के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की साझेदारियों के प्रति प्रतिबद्ध है।

यह साझेदारी राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए कई प्रमुख क्षेत्रों में कार्य करेगी। इसके तहत दुर्लभ रोगों के निदान और उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण, उन्नत तकनीकों के माध्यम से शीघ्र पहचान तथा चयनित बीमारियों की निःशुल्क जांच की सुविधा चिन्हित संस्थानों में उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही मधुमेह एवं अन्य एनसीडी के लिए प्रारंभिक जोखिम पहचान, जागरूकता अभियान और रेफरल सेवाओं को मजबूत किया जाएगा, जिसमें राज्यभर में तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत “किड्स एंड डायबिटीज इन स्कूल्स (KiDS)” जैसे अभियानों के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को स्वस्थ जीवनशैली, पोषण और रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं सामुदायिक कार्यकर्ताओं के लिए क्षमता निर्माण के तहत संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।

एमओयू के तहत सिंगरौली, बालाघाट और अनूपपुर जिलों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की तैनाती की जाएगी, जिससे दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी। इन यूनिट्स के माध्यम से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मुख कैंसर जैसी बीमारियों की निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रत्येक यूनिट में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे तथा डॉक्टरों से टेली-कंसल्टेशन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। प्रारंभिक चरण में यह सेवा इन तीन जिलों में शुरू की जाएगी और आवश्यकता अनुसार अन्य जिलों में भी विस्तार किया जाएगा।

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