मस्कट में शांति वार्ता, लेकिन अमेरिका का अलर्ट: क्या ईरान संकट और गहराएगा?

मस्कट में शांति वार्ता के बीच अचानक बढ़ा तनाव: क्या खतरा मंडरा रहा है?-ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। उम्मीद थी कि इस बातचीत से क्षेत्रीय तनाव कम होगा। लेकिन अचानक अमेरिका ने अपने नागरिकों को “तुरंत ईरान छोड़ने” की सलाह दे दी, जिससे माहौल गंभीर हो गया। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर क्या वजह है इस अचानक बढ़े तनाव की और इसका असर क्या हो सकता है।
शांति वार्ता से पहले अमेरिकी एडवाइजरी ने बढ़ाई बेचैनी-मस्कट में होने वाली वार्ता को दोनों देशों के रिश्तों में सुधार का मौका माना जा रहा था। लेकिन अमेरिकी ट्रैवल एडवाइजरी ने कूटनीतिक माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। सवाल उठता है कि अगर हालात सुधर रहे हैं तो इतनी कड़ी चेतावनी क्यों दी गई? माना जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों को किसी संभावित खतरे का अंदेशा है, इसलिए वाशिंगटन ने बातचीत से पहले ही सतर्कता बढ़ा दी है।
इंटरनेट बंदी और गिरफ्तारी के डर से निकासी की सलाह-ईरान में इंटरनेट और फोन सेवाओं पर पाबंदी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। अमेरिकी दूतावास को डर है कि विदेशी नागरिक, खासकर जिनके पास दोहरी नागरिकता है, उन्हें हिरासत या पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अमेरिका ने अपने नागरिकों को सरकारी मदद का इंतजार न करने और खुद ही जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सलाह दी है। यह कदम स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
उड़ानों के रुकने का खतरा और वैकल्पिक रास्तों की सलाह-स्थिति इतनी नाजुक बताई जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कभी भी बंद हो सकती हैं। इसलिए अमेरिकी नागरिकों को आर्मेनिया या तुर्की के रास्ते सड़क मार्ग से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। अगर ऐसा संभव न हो तो सुरक्षित जगह पर रहकर जरूरी राशन और दवाइयां रखने को कहा गया है। यह संकेत है कि अंदरूनी हालात सामान्य नहीं हैं और किसी भी वक्त हालात बिगड़ सकते हैं।
मस्कट वार्ता की सफलता पर उठे सवाल-अमेरिका की कड़ी चेतावनी के बाद मस्कट में हो रही शांति वार्ता की सफलता पर संदेह बढ़ गया है। एक तरफ बातचीत की मेज सजी है, तो दूसरी तरफ नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी जा रही है। यह स्थिति दोनों देशों के बीच गहरे अविश्वास को दर्शाती है। अगर वार्ता के दौरान कोई अप्रत्याशित घटना होती है, तो क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। फिलहाल सबकी नजरें वार्ता के नतीजों पर टिकी हैं।मस्कट में शांति वार्ता के बीच अमेरिका की चेतावनी ने माहौल को और जटिल बना दिया है। यह दिखाता है कि फिलहाल क्षेत्र में तनाव कम होने की बजाय संवेदनशीलता बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस वार्ता के परिणाम और दोनों देशों की प्रतिक्रिया पर ही क्षेत्रीय स्थिरता का फैसला होगा।



