डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे मजबूत, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों ने रोका उछाल

रुपया हुआ मजबूत, लेकिन तेल और निवेशकों ने लगाई रोक
डॉलर में गिरावट से रुपये को मिला सहारा- गुरुवार को सुबह के कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 21 पैसे मजबूत होकर 85.87 पर पहुँच गया। यह मजबूती मुख्य रूप से डॉलर इंडेक्स में 0.27% की गिरावट के कारण हुई। डॉलर इंडेक्स छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को दर्शाता है, और इसमें गिरावट से रुपये को सहारा मिला।
तेल की बढ़ती कीमतों और निवेशकों की बिकवाली ने लगाई रोक- हालांकि, बढ़ते कच्चे तेल के दामों और विदेशी निवेशकों द्वारा शेयरों की बिकवाली ने रुपये की तेजी को सीमित कर दिया। ब्रेंट क्रूड 1.30% बढ़कर 68.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया, जिससे रुपये पर दबाव बना। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को 2,427.74 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे घरेलू बाजार पर भी असर पड़ा।
ट्रम्प का बयान और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद- अमेरिकी राष्ट्रपति के फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के उत्तराधिकारी की घोषणा के संकेतों से बाजार में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ी है। इससे डॉलर कमजोर हुआ और रुपये को शुरुआती मजबूती मिली।
रुपये की ट्रेडिंग रेंज- इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 85.91 पर खुला और 85.87 तक पहुँचा। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में रुपये की ट्रेडिंग रेंज 85.75 से 86.25 के बीच रह सकती है क्योंकि विदेशी निवेशक और तेल कंपनियाँ अभी भी डॉलर खरीद रही हैं।
भू-राजनीतिक तनाव में कमी- ईरान और इज़राइल के बीच शांतिपूर्ण स्थिति से मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा कम हुआ है, जिससे तेल की कीमतों को सहारा मिला है।
शेयर बाजार में बढ़त- घरेलू शेयर बाजार में भी आज हल्की बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स 163.27 अंकों की बढ़त के साथ 82,918.78 पर और निफ्टी 64.35 अंकों की तेजी के साथ 25,309.10 पर कारोबार कर रहा था।



