International

रूस-यूक्रेन शांति वार्ता में प्रगति नहीं, लेकिन मानवीय मुद्दों पर बनी सहमति

 यूक्रेन-रूस युद्ध: शांति की उम्मीदें और जमीनी हकीकत-इस्तांबुल में हाल ही में हुई बातचीत में यूक्रेन और रूस के बीच शांति की उम्मीदें फिर से जगीं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। युद्धविराम पर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई, हालाँकि मानवीय पहलुओं पर थोड़ी प्रगति हुई है। दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं, जिससे युद्ध जारी रहने का खतरा बना हुआ है।

रूस की कड़ी शर्तें और यूक्रेन की प्रतिक्रिया-रूस ने यूक्रेन के सामने कई कठिन शर्तें रखी हैं, जिनमें चार क्षेत्रों से अपनी सेनाएँ हटाना, नाटो से दूरी बनाए रखना और रूसी भाषा को आधिकारिक दर्जा देना शामिल है। यूक्रेन ने इन शर्तों को तुरंत अस्वीकार कर दिया है और प्रस्ताव पर विचार करने के लिए समय माँगा है। यह स्थिति शांति वार्ता की राह में एक बड़ी बाधा है। यूक्रेन ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता नहीं करेगा।

 ड्रोन हमले और बढ़ता तनाव-बातचीत से पहले, यूक्रेन ने रूस के एक एयरबेस पर ड्रोन हमला किया, जिससे रूस ने भी जवाबी कार्रवाई की। यह ड्रोन युद्ध दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा रहा है और शांति की संभावनाओं को कमजोर कर रहा है। यह एक ऐसी स्थिति है जहाँ दोनों पक्षों को संयम बरतने की आवश्यकता है ताकि बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

 युद्धविराम की संभावनाएँ: एक कठिन सवाल-अमेरिका सहित कई देशों के प्रयासों के बावजूद, युद्धविराम की संभावना अभी भी बहुत कम है। यूक्रेन ने बिना शर्त युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है, लेकिन रूस ने इसे अस्वीकार कर दिया है। यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच मूलभूत मतभेद अभी भी मौजूद हैं, और इन मतभेदों को दूर करने के लिए और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है।

मानवीय संकट और अपहृत बच्चे-यूक्रेन ने रूस से अपहृत बच्चों की एक सूची सौंपी है, लेकिन रूस ने केवल कुछ बच्चों की वापसी पर बातचीत करने की बात कही है। यह मानवीय संकट की गंभीरता को दर्शाता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता का विषय है। बच्चों को उनके परिवारों से मिलाना एक अत्यंत महत्वपूर्ण मानवीय आवश्यकता है।

 युद्ध जारी, नागरिकों पर हमले-युद्ध जारी है और दोनों देशों के बीच भारी लड़ाई हो रही है। रूसी सेनाओं ने यूक्रेन के कई इलाकों में हमले किए हैं, जिसमें कई नागरिकों की जान गई है। यह एक गंभीर स्थिति है और शांति के लिए एक बड़ी चुनौती है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा है कि रूस को अपने नुकसान का एहसास होना चाहिए ताकि वह कूटनीति की ओर बढ़ सके।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button