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संजय कपूर की संपत्ति विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई में उठा गोपनीयता और हिस्सेदारी का मुद्दा

कपूर परिवार की करोड़ों की जंग: दिल्ली हाईकोर्ट में क्या हुआ?

दिल्ली हाईकोर्ट में संपत्ति का बड़ा खुलासा: 30,000 करोड़ की विरासत पर छिड़ी जंग!-दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार, 26 सितंबर को एक ऐसी सुनवाई हुई जिसने कपूर परिवार के बीच चल रही संपत्ति की लड़ाई को एक नया मोड़ दे दिया। करीब 30,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम संपत्ति का मामला अब कोर्ट में है, और इस सुनवाई में परिवार के सदस्य और उनके वकील भी मौजूद थे। खास बात यह रही कि संजय कपूर की पत्नी, प्रिया सचदेव कपूर, ने कोर्ट से एक बड़ी गुजारिश की। उन्होंने कहा कि संपत्ति से जुड़े सारे कागजात और जानकारी को एक सील बंद लिफाफे में जमा किया जाए, ताकि यह सब कुछ पूरी तरह से गोपनीय रहे। इस बीच, करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बच्चों ने भी कोर्ट को आश्वासन दिया कि वे वसीयत या संपत्ति से जुड़ी किसी भी जानकारी को सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करेंगे। यह सब दिखाता है कि मामला कितना संवेदनशील है।

प्रिया सचदेव की ‘गोपनीयता’ की मांग: क्यों चाहती हैं सब कुछ सील?-प्रिया सचदेव ने कोर्ट को साफ-साफ बताया कि अगर संपत्ति और देनदारियों की पूरी सूची सबके सामने खोली गई, तो इससे साइबर सुरक्षा को खतरा हो सकता है और पैसों का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने यह मांग की कि सारी जानकारी सील कवर में ही कोर्ट में पेश की जाए। उन्होंने तो यहाँ तक सुझाव दे दिया कि एक ‘गोपनीयता क्लब’ बनाया जाए, जिसमें सिर्फ कुछ खास वकील और कानूनी सलाहकार ही इन दस्तावेजों को देख सकें। यह बात साफ इशारा करती है कि परिवार के अंदर विवाद काफी बढ़ गया है और प्रिया कपूर की संपत्ति को लेकर बहुत ज्यादा सतर्क रहना चाहती हैं। वह किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहतीं।

करिश्मा कपूर के बच्चों का आरोप: ‘प्रिया सब कुछ हड़पना चाहती हैं!’-इस अहम सुनवाई के दौरान, करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बच्चों ने भी अपनी बात रखी और प्रिया सचदेव के खिलाफ कुछ गंभीर आरोप लगाए। बच्चों का कहना था कि प्रिया सचदेव पूरी की पूरी संपत्ति पर अपना कब्जा जमाना चाहती हैं। वहीं, बच्चों का यह भी दावा है कि वे तो बस अपने पिता की संपत्ति में अपना हक का हिस्सा चाहते हैं, कुछ ज्यादा नहीं। उन्होंने कोर्ट से यह भी गुजारिश की कि एक नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (NDA) पर हस्ताक्षर किए जाएं, ताकि कोई भी जानकारी मीडिया या आम जनता तक न पहुंचे। बच्चों का मुख्य जोर इस बात पर था कि उनके अधिकार सुरक्षित रहें और उनके साथ किसी भी तरह की नाइंसाफी न हो।

कोर्ट का फैसला: सब कुछ सील कवर में, पर रानी कपूर को मिलेगी वसीयत की कॉपी!-दिल्ली हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एक अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने आदेश दिया है कि संजय कपूर की संपत्ति से जुड़ी सारी जानकारी सील लिफाफे में ही कोर्ट में जमा की जाएगी। इसके साथ ही, संजय कपूर की मां, रानी कपूर, को वसीयत की एक कॉपी दी जाएगी। हालांकि, वसीयत की मूल प्रति कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पास पूरी सुरक्षा के साथ रखी जाएगी। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि ये सभी दस्तावेज पूरी तरह से गोपनीय रहेंगे और इन्हें केवल कानूनी प्रतिनिधियों को ही देखने की इजाजत होगी। यह फैसला अदालत की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत वह इस विवाद को और ज्यादा बढ़ने से रोकना चाहती है।

लंबी खिंच सकती है कानूनी लड़ाई: कपूर परिवार का भविष्य क्या?-इस सुनवाई के बाद यह बिल्कुल साफ हो गया है कि कपूर परिवार के बीच संपत्ति को लेकर चल रहा यह झगड़ा इतनी आसानी से खत्म होने वाला नहीं है। एक तरफ प्रिया सचदेव हैं जो गोपनीयता और सुरक्षा की मांग कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ करिश्मा कपूर के बच्चे अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाने की पूरी कोशिश की है, लेकिन यह साफ है कि आने वाली तारीखों में कोर्ट और भी कई अहम आदेश दे सकती है। यह पूरा मामला काफी लंबा और पेचीदा कानूनी संघर्ष बन सकता है, जिसका असर न सिर्फ परिवार के सदस्यों पर पड़ेगा, बल्कि संपत्ति के बंटवारे पर भी इसका गहरा असर देखने को मिल सकता है।

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