इंजीनियरिंग की बजाय एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में बढ़ा रूझान

यह रूझान साफ करता है कि अब एक बार फिर से बच्चे खेतों की तरफ अपनी जड़ों से जुड़ने के बारे में विचार कर रहे हैं। खेती-किसानी में नवाचार को अपनाकर कई लोगों ने मल्टीनेशनल कंपनी छोड़कर अपना स्टार्टअप भी शुरू किया है। इसका भी असर युवाओं पर पड़ा है।
पिछले दिनों जहां इंजीनियरिंग 11,381 सीटों 10,035 छात्रों ने प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट (पीईटी) की परीक्षा दी थी। यानी सीटों से भी कम बच्चे आए थे। वहीं प्री एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी) व प्री वेटनरी पॉलिटेक्निक टेस्ट (पीवीएटी) में 2,360 सीटों पर दाखिले के लिए 25,602 छात्र परीक्षा देने पहुंचे।
परीक्षा मंडल ने प्रदेश में पीएटी की 2300 और पीवीएटी की 60 सीटों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा ली। इसके लिए राजधानी में 13 समेत राज्य में 175 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा में 31,492 आवेदन आए थे। इसमें 86 फीसद यानी 25,602 छात्र परीक्षा देने पहुंचे। जबकि 5890 छात्र अनुपस्थित रहे। प्रदेश में लोग खेती बाड़ी की ओर अधिक रुख कर रहे हैं। कम सीट होने के बावजूद भी अधिक आवेदन आना इस बात को पुख्ता कर रहा है कि अब अधिकांश छात्र एग्रीकल्चर में करियर बनाना चाहते हैं।
प्रदेेश में इंजीनियरिंग की बजाय अब एग्रीकल्चर की पढ़ाई में छात्रों का अधिक रूझान देखने को मिल रहा है। पिछले दिनों जहां इंजीनियरिंग 11,381 सीटों 10,035 छात्रों ने प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट (पीईटी) की परीक्षा दी थी। यानी सीटों से भी कम बच्चे आए थे। वहीं प्री एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी) व प्री वेटनरी पॉलिटेक्निक टेस्ट (पीवीएटी) में 2,360 सीटों पर दाखिले के लिए 25,602 छात्र परीक्षा देने पहुंचे।
इन जिलों के केंद्रों में सर्वाधिक पहुंचे छात्र
जिला – केंद्र – परीक्षार्थी
अंबिकापुर – 10- 3168
बिलासपुर – 17 – 2872
रायपुर – 13 – 2708
दुर्ग – 12 – 1955
राजनांदगांव – 9 – 1966
छत्तीसगढ़ प्री एग्रीकल्चर टेस्ट 2021 सीट
वर्ग -सीट
एससी – 12%
ओबीसी -32%
एसटी – 14%
महिला – 30%
पीडब्लूडी- 5%



