‘बड़ा सियासी ट्विस्ट’: DMK से अलग होकर कांग्रेस ने थामा TVK का हाथ, 2029 तक साथ का ऐलान

बड़ा सियासी मोड़: कांग्रेस ने DMK को छोड़ TVK का किया साथ, 2029 तक गठबंधन का ऐलान-तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आया है। कांग्रेस ने लंबे समय तक साथ निभाने वाले DMK से दूरी बनाकर अब Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) के साथ गठबंधन कर लिया है। बुधवार को कांग्रेस ने साफ किया कि वह नई सरकार बनाने में TVK का समर्थन करेगी और यह गठबंधन 2029 के लोकसभा चुनाव तक जारी रहेगा।
कांग्रेस का फैसला: TVK को पूरा समर्थन-तमिलनाडु कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडनकर ने बताया कि राज्य की जनता, खासकर युवा वर्ग ने एक मजबूत और स्पष्ट जनादेश दिया है। कांग्रेस और उसकी विधायकों की टीम ने मिलकर फैसला किया है कि TVK को सरकार बनाने के लिए पूरा समर्थन दिया जाएगा। हालांकि, यह समर्थन कुछ शर्तों के साथ है, जिनमें संवैधानिक मूल्यों का पालन सबसे अहम है।
शर्तें भी साफ: ‘संवैधानिक सोच से कोई समझौता नहीं’-कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह समर्थन बिना शर्त नहीं है। पार्टी चाहती है कि TVK अपने गठबंधन में ऐसे किसी भी दल को शामिल न करे जो संविधान की भावना के खिलाफ हो। यह बयान कांग्रेस की अपनी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता और गठबंधन में संतुलन बनाए रखने की मंशा को दर्शाता है।
‘कामराज के दौर’ को फिर से लाने की कोशिश-गिरीश चोडनकर ने कहा कि कांग्रेस और TVK मिलकर तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री कामराज के दौर जैसी राजनीति को वापस लाना चाहते हैं। यह गठबंधन आपसी सम्मान, जिम्मेदारी और बराबरी के आधार पर बना है। दोनों पार्टियां मिलकर जनता के लिए काम करेंगी और विकास को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगी।
सिर्फ सरकार नहीं, लंबी साझेदारी का संकेत-कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि यह गठबंधन केवल सरकार बनाने तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले स्थानीय निकाय चुनाव, लोकसभा और राज्यसभा चुनावों में भी दोनों पार्टियां साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी। यह एक मजबूत और दीर्घकालिक राजनीतिक साझेदारी की शुरुआत मानी जा रही है।
राहुल गांधी और विजय का साझा संदेश-कांग्रेस नेता राहुल गांधी और TVK प्रमुख विजय ने इस जनादेश का सम्मान करने की बात कही है। दोनों नेताओं ने भरोसा जताया कि वे तमिलनाडु की जनता, खासकर युवाओं की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे और किए गए वादों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
DMK से दूरी: पहले से बन रही थी खाई-कांग्रेस का DMK से अलग होना अचानक नहीं माना जा रहा। खबरें थीं कि चुनाव नतीजों के दिन ही राहुल गांधी और विजय के बीच बातचीत हुई थी। हालांकि कांग्रेस पहले TVK के साथ जाना चाहती थी, लेकिन वरिष्ठ नेताओं के फैसले के चलते उसने चुनाव DMK के साथ मिलकर लड़ा। अब नतीजों के बाद पार्टी ने अपना रुख बदल लिया है।
दो दशक पुराना गठबंधन टूटा-कांग्रेस और DMK का गठबंधन काफी पुराना था। दोनों पार्टियों ने 2004 से 2026 तक लगभग हर चुनाव साथ मिलकर लड़ा, सिर्फ 2014 के लोकसभा चुनाव को छोड़कर। यह गठबंधन सोनिया गांधी के नेतृत्व में 2004 में भाजपा को चुनौती देने के लिए बनाया गया था। अब इस लंबे साथ का अंत हो गया है और तमिलनाडु की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर रही है।



