‘गुस्से में चली गोलियां, दो जिंदगियां खत्म’: रायपुर फायरिंग केस में दूसरा बड़ा झटका

गुस्से की गोली ने छीनी दो जानें: रायपुर फायरिंग केस में बड़ा सदमा-रायपुर के मोवा थाना क्षेत्र में हुए फायरिंग मामले ने एक परिवार की खुशियों को छीन लिया। एक मामूली विवाद ने इतना भयानक रूप ले लिया कि दो बहनों की जान चली गई। यह घटना पूरे इलाके में शोक और सदमे का कारण बनी है।
विवाद की शुरुआत: कैसे बिगड़ी बात-मंगलवार रात मोवा-पंडरी इलाके में आरोपी जितेंद्र वर्मा और उसकी पत्नी के बीच झगड़ा हुआ। बताया गया कि वह अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा था, जिससे वह गुस्से में था। इसी गुस्से में उसने अपनी पिस्टल निकालकर अपनी दोनों सालियों पर गोली चला दी, जिससे माहौल पूरी तरह से डरावना हो गया।
अस्पताल में दोनों बहनों की मौत-घटना के बाद घायल युवतियों को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने एक बहन गीतांजलि को मृत घोषित कर दिया। दूसरी बहन दुर्गेश्वरी की हालत गंभीर थी, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। इस तरह एक ही परिवार की दो बेटियों की मौत ने सबको हिला कर रख दिया।
आरोपी ने खुद थाने में सरेंडर किया-फायरिंग के बाद जितेंद्र वर्मा खुद थाने पहुंच गया और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसकी पिस्टल जब्त कर ली। शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी घटना के वक्त नशे में था, जिसने स्थिति को और गंभीर बना दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई और बयान-रायपुर नॉर्थ जोन के डीसीपी मयंक गुर्जर ने बताया कि यह घटना पारिवारिक विवाद की वजह से हुई। आरोपी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से दोनों सालियों पर गोली चलाई। पुलिस कमिश्नरेट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
गुस्से की कीमत: एक परिवार टूटा-यह घटना साफ करती है कि गुस्से में लिए गए फैसले कितने खतरनाक हो सकते हैं। एक छोटा विवाद दो जिंदगियों को खत्म कर सकता है और परिवार को हमेशा के लिए तोड़ सकता है। ऐसे मामलों में बातचीत और समझदारी ही सबसे बड़ा समाधान है, जो अनावश्यक tragedies को रोक सकती है।



