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भारत में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा: नए वैरिएंट्स से तेजी से फैल रहा संक्रमण, जानिए हर राज्य की स्थिति

कोरोना की वापसी? बढ़ते मामलों ने फिर जगाई चिंता!-क्या कोरोना फिर से हमारे बीच वापस आ रहा है? हाल के हफ़्तों में कोरोना के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी ने लोगों में चिंता की लहर दौड़ा दी है। आइये, जानते हैं क्या कहती है ताज़ा रिपोर्ट।

ज़ी से बढ़ रहे मामले: क्या है वजह?-अप्रैल में जहां कुछ सौ एक्टिव केस थे, वहीं जून की शुरुआत में ये संख्या बढ़कर लगभग 4000 पहुँच गई है! यह 1200% से भी ज़्यादा की बढ़ोतरी है, जो वाकई हैरान करने वाली है। NB.1.8.1 और LF.7 जैसे नए वेरिएंट्स केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक में तेज़ी से फ़ैल रहे हैं। ज़्यादा सावधानी बरतना बेहद ज़रूरी है।

रोज़ाना बढ़ता खतरा: मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा-2 जून 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 203 नए मामले और 4 मौतें दर्ज की गई हैं। जनवरी से अब तक कुल 32 मौतें हो चुकी हैं, और एक्टिव केस 3961 हो गए हैं। ये आँकड़े चिंता का विषय हैं। सरकार पूरी स्थिति पर नज़र रखे हुए है, लेकिन जनता की लापरवाही भारी पड़ सकती है। ज़िम्मेदारी से काम लेना बेहद ज़रूरी है।

 दिल्ली में भी बढ़ रहे मामले-दिल्ली में भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटों में 47 नए मामले और एक मौत हुई है। एक्टिव केसों की संख्या 483 पहुँच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएँ और ज़रूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें।

कर्नाटक में थोड़ी राहत, लेकिन सावधानी ज़रूरी-कर्नाटक में स्थिति थोड़ी बेहतर है, लेकिन नए केस आ रहे हैं। बीते दिन 15 नए केस मिले, लेकिन कोई मौत नहीं हुई। एक्टिव केस 253 हैं। सरकार ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है और जाँच बढ़ाने पर ज़ोर दिया है।

 केरल में सबसे गंभीर स्थिति-केरल में स्थिति सबसे गंभीर है। हर दिन नए केस बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटों में 35 नए मरीज़ और एक मौत हुई है। एक्टिव केस 1435 और 8 मौतें हो चुकी हैं। केरल को रेड ज़ोन माना जा रहा है।

महाराष्ट्र में भी बढ़ते मामले-महाराष्ट्र में भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटों में 21 नए केस और एक मौत हुई है। एक्टिव केस 506 हैं। सरकार ने जाँच और निगरानी बढ़ाई है।

 अन्य राज्यों में भी बढ़ोतरी-गुजरात, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी मामले बढ़ रहे हैं। हालाँकि, स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन लापरवाही से ये राज्य भी हॉटस्पॉट बन सकते हैं।

 नए वेरिएंट्स का खतरा-NB.1.8.1, LF.7, XFG, और JN.1 जैसे नए वेरिएंट्स मिले हैं। WHO और ICMR ने NB.1.8.1 को ‘Variant Under Monitoring’ की श्रेणी में रखा है। संक्रमण हल्का है, लेकिन तेज़ी से फैलने की क्षमता चिंता का विषय है।

 लक्षण और सावधानियाँ-बुखार, गले में खराश, नाक बंद, पेट की दिक्कत, मतली और थकावट जैसे लक्षण दिख रहे हैं। 4 दिन से ज़्यादा लक्षण रहें तो RT-PCR टेस्ट करवाएँ। बुज़ुर्गों और बीमार लोगों को ज़्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।

 घबराने की नहीं, लेकिन लापरवाही से बचने की ज़रूरत-एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लापरवाही से हालात बिगड़ सकते हैं। बुज़ुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। भीड़ से बचें, सफ़ाई का ध्यान रखें और लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें।

सरकार की कार्रवाई-सरकार ने केरल और महाराष्ट्र को रेड ज़ोन घोषित किया है। RT-PCR टेस्टिंग और जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ाई गई है। ज़रूरत पड़ने पर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम फिर से लागू किए जा सकते हैं।

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